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'बांग्लादेश को भारत बनाना चाहती है', हिंदू महिला पत्रकार को इंडिया का एजेंट बताकर टूट पड़े मुस्लिम कट्टरपंथी, Video में देखें पूरी घटना

Bangladesh Hindu Journalist: बांग्लादेश में एक हिंदू पत्रकार को भीड़ ने घेर लिया. भीड़ ने उन्हें भारत का एजेंट बताया. इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में देखा जा सकता है किस तरह से भीड़ ने वरिष्ठ हिंदू महिला पत्रकार का घेराव किया.

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Gyanendra Tiwari

Bangladesh Hindu Journalist: बांग्लादेश की वरिष्ठ पत्रकार मुन्नी साहा को ढाका में एक भीड़ ने घेर लिया और उन पर "बांग्लादेश को भारत का हिस्सा बनाने" का आरोप लगाया. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में देखा गया कि मुन्नी साहा खुद को निर्दोष बताते हुए कह रही थीं, "यह भी मेरा देश है." इसके बावजूद, भीड़ ने उन्हें निशाना बनाते हुए कई तीखे सवाल किए.

घटना के दौरान, पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए मुन्नी साहा को भीड़ से बचाया और उन्हें अपनी सुरक्षा में ले लिया. ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रेजाउल करीम मलिक ने कहा कि मुन्नी साहा को उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रिहा कर दिया गया है, लेकिन उन्हें अदालत से जमानत लेने और पुलिस की पूछताछ में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है.

2009 की घटना को लेकर हिंदू पत्रकार पर लगे आरोप

मुन्नी साहा पर यह भी आरोप लगाया गया कि उन्होंने 2009 में बांग्लादेश राइफल्स (BDR) के विद्रोह के दौरान भ्रामक जानकारी फैलाई थी, जिसमें 57 लोग मारे गए थे. यह घटना पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन का कारण बनी थी.

वायरल वीडियो में, एक आवाज साहा पर आरोप लगाते हुए कहती है, "तुम इस देश को भारत का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रही हो. छात्रों के खून के धब्बे तुम्हारे हाथों पर हैं." साहा ने इन आरोपों से इनकार करते हुए जवाब दिया, "मैंने इस देश को कैसे नुकसान पहुंचाया? यह भी मेरा देश है."

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर सवाल

मुन्नी साहा पर हुए इस हमले ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है. हाल ही में एक हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को भी राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया. उनके बयान के बाद, जिसमें हिंदुओं पर बढ़ते हमलों का जिक्र था, कट्टरपंथियों ने उन पर निशाना साधा.

इसके अलावा, दो अन्य साधु, आदिपुरुष श्याम दास और रंगनाथ दास ब्रह्मचारी को भी गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ ही, बांग्लादेश में इस्कॉन केंद्रों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं.

भारत ने जताई चिंता

भारत ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि बांग्लादेश सरकार को अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.

शेख हसीना सरकार के पतन के बाद, बांग्लादेश में नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार सत्ता में है. इस बीच, बांग्लादेश में धार्मिक कट्टरता और हिंसा की घटनाओं में वृद्धि ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता को जन्म दिया है.