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दुनिया में फैल चुका हंता वायरस? शिप से उतर कर इन 12 देशों में पहुंच गए 29 यात्री! 2 भारतीय भी थे सवार

हंता वायरस ने लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है. उन देशों में खतरा और भी ज्यादा है जहां उस क्रूज शिप से उतर कर वे यात्री गएं, जिन्हें खुद नहीं पता की वह संक्रमित है या नहीं.

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Shanu Sharma

हंता वायरस दुनिया में अब नया डर बन कर सामने आया है. अर्जेंटीना से अंटार्कटिका की ओर 150 यात्रियों के साथ जा रहे इस क्रूज शिप के दो यात्री इस नए वायरस की चपेट में आ गए. हालांकि जब तक इसका पता चला तब तक उस शिप पर सवार कई यात्री 12-13 देशों में फैल चुके हैं.

हंता वायरल एक एंडीज स्ट्रेन है, जो चूहों से फैलता है और फिर इंसान से इंसान में आसानी से फैल जाता है. बीमार व्यक्ति अगर खांसता या छींकता है या फिर किसी भी तरह से कॉन्टेक्ट में आता है तो यह वायरस उसको भी फैल सकता है. इस नांव पर 28 अलग-अलग देशों से लोग सवार हुए थे. इनमें दो भारतीय क्रू मेंबर भी शामिल थे. हालांकि शिप के लगने के बाद 29 लोग उतरकर 12-13 देशों में जा चुके हैं.

इंसानों तक कैसे पहुंचा हंता वायरस?

दुनिया में फैल रही यह नई  बीमारी कैसे आई इसके बारे में जानना बेहद जरूरी है. बता दें कि अप्रैल के शुरुआत में अर्जेंटीना के उशुआइया बंदरगाह से एमवी होंडियस नाम की क्रूज शिप निकली. जिसपर 150 लोग सवार थे. यह सभी यात्री 28 अलग-अलग देशों से आए थे. जिसमें दो डच यात्री भी शामिल थे. जानकारी के मुताबिक ये दोनों डच यात्री दक्षिण अमेरिका में पक्षियों को देखने के लिए लैंडिफिल गए, जहां से वह अपने साथ हंता वायरस को लेकर लौटे.

हालांकि शुरुआत में  यह किसी को पता नहीं चला और धीरे-धीरे दूसरे यात्रियों तक फैलने लगा. जब तक इसकी पुष्टि की गई तब तक यह वायरस 5 लोगों के बीच फैल चुका था, जिसमें से तीन की मौत भी हो गई. यह सब जब तक पता चलता तब तक सेंट हेलेना द्वीप पर 29 यात्री उतर कर 12-13 देशों में पहुंच चुके थे. इन यात्रियों में एक की लाश आई थी. 

शिप से उतर कर कहां गए यात्री?

इस वायरस के पता लगने के बाद उन 12-13 यात्रियों की तलाश की जा रही है. जिस देश में वे यात्री गए हैं वहां की सरकार उन्हें ढूंढ रही है, ताकी उन्हें आइसोलेट किया जा सके और यह वायरस किसी और तक ना पहुंचे. हालांकि जैसे-जैसे लेट होगा, दुनिया में इसकी फैलने की खतरा बढ़ती जाएगी. इसी तरह से जब कोरोना दुनिया में आया था तब किसी को पता नहीं था कि ऐसा कुछ हो सकता है. लेकिन उसने देखते ही देखते अपने पैर पसार लिए.

आपको बता दें कि जो यात्री शिप से उतरे थे वे कनाडा, अमेरिका, यूके, नीदरलैंड, डेनमार्क, स्वीडन, सिंगापुर, न्यूजीलैंड,  स्विट्जरलैंड, तुर्की, जर्मनी सेंट किट्स एंड नेविस गए हैं. अब इन देशों को अपनी स्वास्थ्य विभागों को मजबूत रखना होगा और वापस आए यात्रियों की तलाश करनी होगी नहीं तो परेशानी बढ़ सकती है.