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India Daily

Israel Hamas Ceasefire: हमास की कैद से आजादी, इजरायल को सौंपी गई गुरुवार को रिहा होने वाले बंधकों की लिस्ट

इजरायल और हमास के बीच हुए युद्ध विराम समझौते के बाद दोनों ओर से बंधकों की रिहाई का सिलसिला जारी है. नेतन्याहू कार्यालय का कहना है कि गाजा ने गुरुवार को रिहा किए जाने वाले बंधकों की सूची इजराइल को सौंप दी है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
Israel Hamas Ceasefire: हमास की कैद से आजादी, इजरायल को सौंपी गई गुरुवार को रिहा होने वाले बंधकों की लिस्ट

Israel Hamas Ceasefire: इजरायल और हमास के बीच हुए युद्ध विराम समझौते के बाद दोनों ओर से बंधकों की रिहाई का सिलसिला जारी है. नेतन्याहू कार्यालय का कहना है कि गाजा ने गुरुवार को रिहा किए जाने वाले बंधकों की सूची इजराइल को सौंप दी है.

 इजराइल को मिली रिहा किए जाने वाले बंधकों की सूची
यरुशलम-इज़राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्हें उन बंधकों की सूची मिल गई है जिन्हें गुरुवार को गाजा से रिहा किया जाएगा.  यह खबर इज़राइल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष के बीच एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है.

हमास का इज़राइल पर मानवीय सहायता में देरी का आरोप
हालांकि, इस खबर के साथ ही हमास ने इज़राइल पर गाजा में महत्वपूर्ण मानवीय सहायता पहुंचाने में देरी करने का आरोप भी लगाया है.  हमास का कहना है कि इज़राइल की इस देरी के कारण गाजा के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

गुरुवार को तीन बंधकों की रिहाई की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को तीन बंधकों को रिहा किए जाने की उम्मीद है.  हालांकि,  बंधकों की सही संख्या और उनकी पहचान के बारे में अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.  इस रिहाई को लेकर बातचीत काफी संवेदनशील है, और दोनों पक्ष फिलहाल इस पर चुप्पी साधे हुए हैं.

इजराइल-हमास संघर्ष विराम के पहले चरण में
फिलहाल, इज़राइल और हमास 42 दिनों के संघर्ष विराम के पहले चरण को लागू कर रहे हैं.  इस संघर्ष विराम का उद्देश्य गाजा पट्टी में शांति बहाल करना और मानवीय सहायता पहुंचाना है.  बंधकों की रिहाई भी इसी समझौते का एक अहम हिस्सा है.  इस रिहाई के सफल होने से दोनों पक्षों के बीच आगे की बातचीत का रास्ता खुल सकता है, और शायद अंततः इस लंबे संघर्ष का कोई समाधान निकल सके.  हालांकि, अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं, और यह देखना होगा कि यह संघर्ष विराम कितने समय तक चल पाता है और इससे क्या परिणाम निकलते हैं.