T20 World Cup 2026

हाउसिंग स्कीम घोटाले में शामिल थे ISI के पूर्व चीफ फैज हमीद, सेना से मिली 'टॉप' की सजा

Pakistan News: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के पूर्व प्रमुख फैज हमीद को हाउसिंग स्कीम घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. हमीद पाक खुफिया एजेंसी के पहले ऐसे अधिकारी होंगे जिन्हें कोर्ट मार्शल का सामना करना होगा. डॉन की खबर के अनुसार, उन्हें हिरासत में ले लिया गया है.

Social Media
India Daily Live

Pakistan News: पाकिस्तान की सेना ने सोमवार को बताया कि इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के पूर्व प्रमुख फैज हमीद को एक हाउसिंग स्कीम घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है.  सेना ने उनके कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, देश के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी पूर्व खुफिया प्रमुख के खिलाफ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया शुरू की गई है. 

पाकिस्तान सेना की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज में कहा गया कि पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद (रिटायर्ड) के खिलाफ टॉप सिटी मामले में की गई शिकायतों की सत्यता का पता लगाने के लिए पाकिस्तानी सेना ने एक विस्तृत जांच की.  रिलीज में आगे कहा गया कि फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.  लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद (रिटायर्ड) को सैन्य हिरासत में ले लिया गया है. 

साजिश रचने का आरोप 

यह मामला तब हुआ जब टॉप सिटी नामक एक निजी आवास योजना के मैनेजमेंट ने पूर्व जासूस-मास्टर के खिलाफ आरोप लगाए.  जिसमें उस पर अपने मालिक मोइज खान के कार्यालयों और आवास पर छापेमारी की साजिश रचने का आरोप लगाया गया. इसमें तत्कालीन आईएसआई के चीफ फैज हमीद की संलिप्तता थी. 

समय से पहले दिया इस्तीफा 

साल 2022 में हमीद उन छह सीनियर जनरलों में से एक थे जिनके नाम जनरल हेडक्वार्टर द्वारा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को दो शीर्ष सैन्य पदों के लिए विचार के लिए भेजे गए थे. हालांकि, उन्होंने समय से पहले सेवानिवृत्ति लेने का फैसला किया और सूत्रों के अनुसार, अपना इस्तीफा हाई कमान को सौंप दिया. 

क्या बोला सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 14 नवंबर को अपने आदेश में कहा था कि हमीद के खिलाफ आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं . यह आरोप संघीय सरकार, सशस्त्र बलों, आईएसआई और पाकिस्तान रेंजर्स की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएंगे. इसलिए उन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता है. 


कैसे हुआ मामले का खुलासा? 

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार,  सुप्रीम कोर्ट में 12 मई, 2017 को एक याचिका दायर की गई थी.  इसमें कहा गया  कि पाकिस्तान रेंजर्स और आईएसआई अधिकारियों ने टॉप सिटी के कार्यालय और मोइज खान के आवास पर कथित आतंकवाद के मामले में छापेमारी की. इसस छापेमारी में मोइज खान के घर से कीमती सामान,  सोने और हीरे के गहने जब्त कर लिए गए. इसमें पूर्व आईएसआई अधिकारियों इरतजा हारून, सरदार नजफ, वसीम ताबिश, जाहिद महमूद मलिक और मोहम्मद मुनीर शामिल थे. इन पर हाउसिंग सोसायटी के अवैध अधिग्रहण में संलिप्तता का आरोप लगाया गया था.