दुनिया को समझाया ब्रह्मांड के बनने का रहस्य, कौन थे गॉड पार्टिकल की खोज करने वाले नोबेल विजेता पीटर हिग्स
नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक पीटर हिग्स का निधन हो गया है. हिग्स को गॉड पार्टिकल की खोज की जिसने यह समझाने में मदद की थी कि बिग बैंग के बाद सृष्टि की रचना कैसे हुई.
नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक पीटर हिग्स का निधन हो गया है. वह 94 साल के थे. हिग्स को गॉड पार्टिकल की खोज के लिए जाना जाता है. जिसने यह समझाने में मदद मिली कि बिग बैंग के बाद सृष्टि का निर्माण कैसे हुआ. हिग्स-बोसोन सिद्धांत के लिए उन्हें संयुक्त रूप से भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था.
एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी ने उनके निधन की जानकारी दी. एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी ने कहा कि हिग्स महान शिक्षक थे. एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के कुलपति पीटर मैथिसन ने कहा कि हिग्स शानदार शख्सियत और प्रतिभाशाली वैज्ञानिक थे. पीटर ने बीमारी के बाद सोमवार को अपने घर में अंतिम सांस ली. ब्रिटेन के पीटर हिग्स और बेल्जियम के फ्रांस्वा इंगलर्ट ने 2013 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जीता था. दोनों वैज्ञानिकों ने परमाणु से छोटे कणों के द्रव्यमान को समझाने की प्रक्रिया की सैद्धांतिक खोज की थी. हिग्स रॉयल सोसाइटी के सदस्य और कंपेनियन ऑफ ऑनर रहे.
कौन थे पीटर हिग्स
पीटर हिग्स का जन्म 29 मई 1929 को ब्रिटेन के न्यूकैसल अपॉन टाइन के एल्सविक जिले में हुआ था. उन्होंने 1950 में किंग्स कॉलेज, लंदन विश्वविद्यालय से भौतिकी में प्रथम श्रेणी ऑनर्स के साथ स्नातक किया. एक साल बाद, उन्हें एमएससी से सम्मानित किया गया और शुरुआत में चार्ल्स कॉल्सन और बाद में क्रिस्टोफर लॉन्गुएट-हिगिंस की देखरेख में शोध शुरू किया. 1954 में, उन्हें 'आणविक कंपन के सिद्धांत में कुछ समस्याएं' नामक थीसिस के लिए पीएचडी से सम्मानित किया गया था. भौतिकी में पीटर हिग्स के योगदान को कई अकादमिक सम्मानों से मान्यता मिली.
सिद्धांत की पुष्टि में 50 साल लगे
हिग्स ने साल 1964 में हिग्स-बोसोन नाम के नए पार्टिकल के होने की भविष्यवाणी की थी, लेकिन इस पार्टिकल की पुष्टि होने में 50 साल लग गए. हिग्स का सिद्धांत इस बात से संबंधित है कि एक सबएटॉमिक कण हैं जिससे पदार्थ का निर्माण होता है. हिग्स के सिद्धांत ने यह समझने में मदद की कि ब्रह्मांड में द्रव्यमान का निर्माण कैसे हुआ है.