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पुतिन को तगड़ा झटका! यूरोपीय संघ ने रूस के खिलाफ उठाया ये बड़ा कदम, तबाह हो सकती है पूरी अर्थव्यवस्था!

EU sanctions against Russia: यह यूरोपीय संघ की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत रूस से ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भरता को खत्म कर यूरोप को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है.

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Kanhaiya Kumar Jha

EU sanctions against Russia: यूरोपियन यूनियन (EU) के सदस्य देशों ने रूस पर एक और कड़ा आर्थिक प्रहार करते हुए 2027 के अंत तक सभी प्रकार की गैस आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाने पर सहमति व्यक्त की है. इस निर्णय का उद्देश्य यूक्रेन युद्ध के बावजूद यूरोप की रूसी गैस पर निर्भरता को पूरी तरह समाप्त करना है. ऊर्जा मंत्रियों ने लक्ज़मबर्ग में हुई बैठक में पाइपलाइन गैस और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के आयात को चरणबद्ध तरीके से रोकने की योजना को मंजूरी दी.

यूरोपीय संघ की अध्यक्षता कर रहे डेनमार्क के ऊर्जा मंत्री लार्स आगार्ड ने इस कदम को ऊर्जा के मामले में यूरोप को स्वतंत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि हालांकि हमने पिछले कुछ वर्षों में रूसी गैस और तेल पर निर्भरता कम करने के लिए कड़ी मेहनत की है, फिर भी हम अभी उस लक्ष्य तक नहीं पहुंचे थे. यह निर्णय उस दिशा में हमारा बड़ा कदम है.

बैठक में यह भी तय हुआ कि जून के मध्य तक मौजूदा अल्पकालिक अनुबंधों के तहत रूसी गैस आपूर्ति पर रोक लगा दी जाएगी. Hungary और Slovakia को अस्थायी छूट दी गई है क्योंकि वे स्थल-रुद्ध देश हैं और उनकी ऊर्जा निर्भरता अभी भी पाइपलाइन गैस पर है. प्रतिबंध के 18 महीने बाद दीर्घकालिक अनुबंधों को भी समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी.

इस फैसले पर जल्द ही बातचीत शुरू करेगी यूरोपीय संसद 

यूरोपीय संसद इस फैसले पर जल्द ही बातचीत शुरू करेगी. संसद रूस से गैस और तेल आयात पर तेजी से रोक लगाने की पक्षधर है. लक्ष्य है कि इस वर्ष के अंत से पहले अंतिम समझौता कर लिया जाए. रूस के साथ ऊर्जा संबंधों को कम करने की यह नीति 2022 में व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद तेज हुई थी. इसी रणनीति के तहत EU ने REPowerEU योजना शुरू की है, जो रूसी जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को पूरी तरह समाप्त करने का रोडमैप तैयार करती है.

किसी भी प्रतिबंध के लिए सभी 27 सदस्य देशों की सहमति जरूरी

इस योजना के तहत यूरोपीय आयोग ने इस वर्ष के अंत तक रूसी LNG पर प्रतिबंध लगाने का भी प्रस्ताव रखा है. यह प्रस्ताव इस सप्ताह के अंत में ब्रुसेल्स में होने वाली बैठक में यूरोपीय नेताओं के सामने रखा जाएगा. हालांकि किसी भी प्रतिबंध के लिए सभी 27 सदस्य देशों की सहमति जरूरी होती है, जो अतीत में चुनौतीपूर्ण रही है. सोमवार को मंजूर किए गए व्यापार प्रतिबंधों जैसे फैसलों के लिए 15 देशों का बहुमत पर्याप्त होता है. राजनयिकों के अनुसार, हंगरी और स्लोवाकिया को छोड़कर सभी सदस्य देशों ने इस कदम का समर्थन किया है.

अमेरिका का भी रहा है दवाब

EU पर इस दिशा में तेजी लाने के लिए अमेरिका का भी दवाब रहा है. डोनाल्ड ट्रंप की अगुवाई में अमेरिका चाहता है कि यूरोपीय संघ अमेरिकी तेल और गैस की खरीद बढ़ाए. वर्तमान में यूरोपीय LNG आपूर्ति का लगभग 15% हिस्सा Gazprom और अन्य रूसी प्रदाताओं से आता है, जिससे रूस अमेरिका के बाद यूरोप को ऊर्जा आपूर्ति करने वाला दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है.