पर्सनैलिटी प्रोटेक्शन राइटस मामले में अर्जुन कपूर ने खटखटाया हाइकोर्ट का दरवाजा, जानें क्या कुछ कहा अदालत ने?
अर्जुन कपूर ने कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके व्यक्तित्व का व्यावसायिक शोषण कर रहे हैं. बिना उनकी सहमति के उनकी तस्वीर वाले टी-शर्ट, मग और अन्य मर्चेंडाइज बेचे जा रहे हैं. इसके अलावा कई AI प्लेटफॉर्म्स जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करके उनकी आवाज की नकल कर रहे हैं.
मुंबई: दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा का ऐलान किया है. बुधवार को जस्टिस तुषार राव गेदेला की बेंच ने कहा कि वे अंतरिम आदेश जारी करेंगे, जिससे अर्जुन की अनुमति के बिना उनके नाम, तस्वीर और पहचान का किसी भी तरह से गलत इस्तेमाल रोका जा सकेगा.
अर्जुन कपूर ने कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके व्यक्तित्व का व्यावसायिक शोषण कर रहे हैं. बिना उनकी सहमति के उनकी तस्वीर वाले टी-शर्ट, मग और अन्य मर्चेंडाइज बेचे जा रहे हैं. इसके अलावा कई AI प्लेटफॉर्म्स जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करके उनकी आवाज की नकल कर रहे हैं, डिजिटल अवतार बना रहे हैं और डीपफेक कंटेंट तैयार कर रहे हैं. याचिका में फेस मॉर्फिंग और सिंथेटिक वॉइस मॉडल्स के मामलों का भी जिक्र किया गया.
कोर्ट का बयान
जस्टिस गेदेला ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि पब्लिक फिगर्स के बारे में सब कुछ रोकना संभव नहीं है. उन्होंने टिप्पणी की- 'जब कोई व्यक्ति पब्लिक लाइमलाइट में होता है, तो उसके बारे में बहुत कुछ होता रहता है. अगर कोई बात अपमानजनक या मानहानिकारक है, तब तो समझ आती है. लेकिन हर चीज को उसी श्रेणी में नहीं रखा जा सकता.'
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल डिस्पेरेजिंग (अपमानजनक) या डिफेमेटरी (मानहानिकारक) कंटेंट पर ही रोक लगाई जा सकती है. अर्जुन की याचिका का पक्ष वरिष्ठ वकील प्रवीण आनंद ने रखा.
पिछले मामलों की श्रृंखला
दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल के महीनों में कई सेलिब्रिटीज के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की है. इस साल ही अभिनेता विवेक ओबेरॉय, क्रिकेट कोच गौतम गंभीर, बाबा रामदेव और साउथ सुपरस्टार आल्लू अर्जुन को इसी तरह की सुरक्षा दी गई. पिछले साल कोर्ट ने फिल्मकार करण जौहर, एकिनेनी नागार्जुन, सलमान खान, अजय देवगन और ऋतिक रोशन समेत बच्चन परिवार (अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन) के सदस्यों के पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स की रक्षा की थी.
क्यों जरूरी हैं पर्सनैलिटी राइट्स?
आज के डिजिटल युग में AI और डीपफेक टेक्नोलॉजी तेजी से बढ़ रही है. सेलिब्रिटीज की आवाज, चेहरा और स्टाइल की नकल आसानी से की जा सकती है. इससे उनकी इमेज खराब हो सकती है और अनचाहे व्यावसायिक फायदा उठाया जा सकता है. अर्जुन कपूर का यह कदम कई अन्य कलाकारों के लिए भी मिसाल बन सकता है. कोर्ट का यह रुख साफ संकेत देता है कि सेलिब्रिटीज की व्यक्तिगत पहचान अब कानूनी रूप से मजबूत सुरक्षा के दायरे में आ गई है, खासकर जब AI जैसी आधुनिक तकनीक इसका दुरुपयोग कर रही हो. अभी कोर्ट ने अंतरिम राहत देने का संकेत दिया है। पूरी सुनवाई के बाद अंतिम फैसला आने की उम्मीद है.