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Discovery: सिर्फ एक सदी में शुक्र जैसा हो जाएगा धरती का हाल, वैज्ञानिकों ने जारी किया अलर्ट

ग्रीनहाउस गैसों के कारण धरती का तापमान तेजी से बढ़ रहा है. ये गैसें धरती की गर्मी को वातावरण में जाने से रोक रही हैं जिसकी वजह से पृथ्वी पर गर्मी बढ़ती ही जा रही है.

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Discovery: सिर्फ एक सदी में शुक्र जैसा हो जाएगा धरती का हाल, वैज्ञानिकों ने जारी किया अलर्ट

पर्यावरणविदों और धरती को बचाने की हर संभव कोशिश में लगे लोगों के लिए एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आई है. पृथ्वी को लेकर हाल ही में एक स्टडी हुई है, जिसमें सामने आया है कि आने वाले कुछ ही सालों में पृथ्वी शुक्र ग्रह की तरह जाएगी, जहां सिर्फ गर्मी ही गर्मी होगी और जहां रहना नरक में रहने के समान हो जाएगा.

धरती पर  बेहद मुश्किल हो जाएगा जीवन
इस अध्ययन में इंसान की करतूतों से धरती के वातावरण को हो रहे भारी नुकसान पर प्रकाश डाला गया है. स्टडी के अनुसार, पृथ्वी कुछ ही सालों में बेजान, बेहद गर्म और नरक के समान हो जाएगी और इसका एकमात्र कारण ग्रीन हाउस गैस हैं. वैज्ञानिकों ने अध्ययन में पाया कि इन बदलावों के कारण कुछ ही सालों में धरती पर रहना बेहद दुर्गम हो जाएगा. तापमान में वृद्धि होने से गर्मी बर्दाश्त के बाहर हो जाएगी.

मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड, वॉटर वेपर धरती के लिए घातक

वैज्ञानिकों ने बताया कि धरती पर तापमान बढ़ने के बेहद गंभीर परिणाम होंगे. मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड की तरह वॉटर वेपर  (वाष्पीकरण) पृथ्वी की सतह पर जमा किसी भी विकीरण को अंतरिक्ष में जाने से रोकता है. यह दुनिया भर की गर्म गैसों को अंतरिक्ष में जाने से रोक देता है और वैज्ञानिक इसी को ग्रीन हाउस गैस कहते हैं.

कुछ मायनों में ग्रीनहाउस गैस अच्छी भी
हालांकि कुछ मायनों में ग्रीनहाउस गैसों का प्रभाव पृथ्वी के लिए सही है जैसे ये धरती के तापमान को बेहत ठंडा होने से रोकती हैं. हालांकि इनकी अधिकता के कारण गर्मी बढ़ जाती है और समुद्र और नदियों का पानी भाप बनकर उड़ने लगता है जिसकी वजह से पानी की एक परत धरती की सतह पर जमा हो जाती है और यह धरती की गर्मी को अंतरिक्ष में नहीं जाने देती जिससे धरती का तापमान बढ़ने लगता है.

दरअसल, वैज्ञानिकों ने ग्रीन हाउस गैसों के प्रभाव को लेकर एक सिमुलेशन किया है, जिसमें बताया गया है दिन ब दिन गर्म होती धरती के लिए ग्रीन हाऊस गैसें जैसे कार्बन डाई ऑक्साइड और मीथेन जिम्मेदार हैं और वातावरण में भारी मात्रा में इन गैसों के घुलने से जल्द ही ये धरती बेहद गर्म और बेजान हो जाएगी और बिल्कुल शुक्र ग्रह के समान दिखने लगेगी. बता दें कि शुक्र ग्रह पर केवल गर्मी ही गर्मी है.

आने वाले 100 सालों में दिखने लगेंगे परिणाम
ऐसा होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा. वैज्ञानिकों ने कहा कि आने वाले 100 सालों में ही ये परिणाम हमारे सामने आ जाएंगे. एस्ट्रोनॉमी एंड एस्टोफिजिक्स जर्नल में ये स्टडी प्रकाशित हुई है. ये रिसर्च फ्रांस की CNRS लेबोरेटरी और जिनेवा विश्वविद्यालय के खगोलविदों के नेतृत्व में हुई है.