एपस्टीन फाइलों में ट्रंप पर लगे रेप का आरोप, अमेरिकी न्याय विभाग ने दावों को किया खारिज
जेफरी एपस्टीन फाइलों में ट्रंप पर लगे रेप के आरोपों को अमेरिकी न्याय विभाग ने असत्य बताया है. विभाग का कहना है कि ट्रंप पर कभी औपचारिक जांच नहीं हुई. दस्तावेजों में शामिल आरोपों की कोई पुष्टि नहीं है.
नई दिल्ली: अमेरिका में जेफरी एपस्टीन से जुड़ी जांच फाइलों को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. इन फाइलों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दशकों पुराने रेप के आरोप का उल्लेख किया गया है. हालांकि अमेरिकी न्याय विभाग ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. न्याय विभाग ने आरोपों को गलत, अप्रमाणित और सनसनीखेज बताया है.
विभाग ने साफ कहा कि डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कभी कोई औपचारिक जांच नहीं हुई. ये दस्तावेज एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत सार्वजनिक किए गए हैं. न्याय विभाग के अनुसार इनमें शामिल आरोपों की कोई पुष्टि नहीं हुई है. इन फाइलों में कई सालों में FBI को भेजी गई कच्ची जानकारियां शामिल हैं.
ट्रंप और एपस्टीन पर क्या लगे आरोप?
इनमें एक महिला द्वारा लगाया गया आरोप भी है, जिसमें ट्रंप और एपस्टीन पर रेप का दावा किया गया. दस्तावेजों में यह स्पष्ट नहीं है कि FBI ने इन जानकारियों पर जांच की या नहीं. बताया गया कि आरोप लगाने वाली महिला की बाद में गोली लगने से मौत हो गई थी. न्याय विभाग ने कहा कि ट्रंप को कभी संदिग्ध नहीं माना गया.
न्याय विभाग ने क्या बताया?
किसी भी एजेंसी ने उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश नहीं की. विभाग ने यह भी बताया कि कुछ दावे 2020 के राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले किए गए थे. इन दावों को अविश्वसनीय बताया गया है. न्याय विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी किया. बयान में कहा गया कि अगर आरोपों में जरा भी सच्चाई होती तो पहले ही राजनीतिक हथियार बन चुके होते.
दस्तावेजों में क्या मिला?
दस्तावेजों में एक लिमोसिन ड्राइवर का बयान भी शामिल है. उसने दावा किया कि उसने ट्रंप को एपस्टीन के कथित अपराधों पर बात करते सुना था. हालांकि इन बयानों की भी कोई पुष्टि नहीं की गई. एक ईमेल में यह भी कहा गया कि ट्रंप ने एपस्टीन के प्राइवेट जेट से कई बार यात्रा की. यह यात्रा उस समय की बताई गई जब घिसलेन मैक्सवेल जांच के दायरे में थीं.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या दी प्रतिक्रिया?
मैक्सवेल को बाद में सेक्स ट्रैफिकिंग के मामलों में दोषी ठहराया गया. न्याय विभाग ने कहा कि फाइलों में मौजूद आरोप सबूत नहीं माने जा सकते. करीब तीस हजार दस्तावेज इस चरण में जारी किए गए हैं. कई दस्तावेजों में पीड़ितों की पहचान छिपाने के लिए कटौती की गई है. डोनाल्ड ट्रंप ने इन खुलासों को ध्यान भटकाने वाला बताया है. डेमोक्रेट सांसदों ने न्याय विभाग पर आरोप छुपाने का आरोप लगाया है. न्याय विभाग ने इन आरोपों को भी सिरे से खारिज किया है.
और पढ़ें
- 'अफगानिस्तान पर सैन्य हमले जायज तो भारत के ऑपरेशन सिंदूर से क्यों आपत्ति...', पाकिस्तान के नेता ने अपने ही देश को किया बेइज्जत!
- 'ट्रंप ने एपस्टीन के निजी जेट से 3 साल में की 8 बार यात्रा', खूंखार यौन अपराधी के 30 हजार नए रिलीज दस्तावेजों में खुलासा
- 'बांग्लादेश की तरफ नजर ...', ऑपरेशन सिंदूर में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तानी नेता ने भारत को फिर से वॉर की दी गीदड़ भभकी