76 वर्षीय ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय की फिटनेस देखकर हर कोई हैरान है. दुनिया का हर इंसान उनकी फिटनेस का राज जानना चाहता है. उनकी फिटनेस के राज का खुलासा उनके बेटे प्रिंस हैरी ने अपनी आत्मकथा 'स्पेयर' में किया. हैरी ने बताया कि किंग चार्ल्स हर सुबह अंडरवियर में शीर्षासन करते हैं और मात्र 11 मिनट की एक खास कसरत से अपनी फिटनेस बनाए रखते हैं.
क्या है किंग चार्ल्स का जादुई फिटनेस मंत्र?
किंग चार्ल्स जिस एक्सरसाइज रूटीन को फॉलो करते हैं, वह रॉयल कैनेडियन एयर फोर्स द्वारा 1950 के दशक में विकसित किया गया था. इसे "5BX" यानी "फाइव बेसिक एक्सरसाइज" कहा जाता है. इस रूटीन को खासतौर पर पायलटों के लिए डिजाइन किया गया था, जिन्हें कम समय में फिट रहना जरूरी था. यह रूटीन आज भी किंग चार्ल्स की दिनचर्या का हिस्सा है और उन्हें अपनी उम्र के बावजूद चुस्त-दुरुस्त बनाए रखता है.
5BX कसरत का विज्ञान
5BX प्लान पांच सरल लेकिन प्रभावी एक्सरसाइज पर आधारित है. इनमें से चार एक्सरसाइज शरीर की लचीलापन और ताकत बढ़ाने के लिए हैं, जबकि पांचवीं कार्डियोवास्कुलर फिटनेस के लिए है. ये सभी एक्सरसाइज किसी भी जगह बिना किसी उपकरण के की जा सकती हैं.
टचिंग टोज (दो मिनट): शरीर को वॉर्म-अप करने और मांसपेशियों को खिंचाव से बचाने के लिए.
सिट-अप्स (एक मिनट): पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए.
बैक एक्सटेंशन्स (एक मिनट): पीठ और रीढ़ की मजबूती के लिए.
पुश-अप्स (एक मिनट): शरीर की ऊपरी मांसपेशियों के लिए.
जॉगिंग ऑन द स्पॉट (छह मिनट): हृदय स्वास्थ्य और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए. इसमें स्क्वाट जंप और सिजर जंप जैसे व्यायाम भी शामिल हैं.
कम समय में बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह 11 मिनट का वर्कआउट पूरी बॉडी को ट्रेन करता है. यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन और यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के एक शोध के अनुसार, रोजाना कुछ मिनट की एक्सरसाइज भी रक्तचाप को नियंत्रित करने और हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद करती है.
किंग चार्ल्स की फिटनेस का प्रमाण
किंग चार्ल्स न केवल अपनी उम्र के बावजूद फिट हैं, बल्कि कैंसर के इलाज (कीमोथेरेपी) के दौरान भी उन्होंने अपनी फिटनेस बनाए रखी. उनके पूर्व संचार सचिव जूलियन पायने के अनुसार, “किंग चार्ल्स अपनी उम्र के हिसाब से बेहद मजबूत और फिट हैं.”
क्या आप भी आजमा सकते हैं यह प्लान?
5BX रूटीन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे कहीं भी किया जा सकता है और इसके लिए किसी उपकरण की आवश्यकता नहीं होती. यह रूटीन न केवल शारीरिक ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि नियमित अभ्यास से मानसिक ऊर्जा भी बढ़ती है.