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अभी तेल की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचने वाली है? ईरान के स्पीकर गालिबफ की बड़ी चेतावनी

अमेरिका ने ईरान की मुश्किलों को बढ़ाने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सख्त नाकेबंदी करने का फैसला लिया. हालांकि अब उसका उलटा असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है.

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Edited By: Shanu Sharma
अभी तेल की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचने वाली है? ईरान के स्पीकर गालिबफ की बड़ी चेतावनी
Courtesy: X (@ShaykhSulaiman), Pinterest

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित है. जिसके कारण तेल के दाम बढ़ते जा रहे हैं. हालांकि अमेरिका ने दावा किया था कि वह जल्द ही नाकेबंदी कर लेगा. इसी बीच ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को विफल करार देते हुए उसका खुलकर मजाक उड़ाया है.

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर व्यंग्यात्मक पोस्ट शेयर किया. इस पोस्टम में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भविष्यवाणी को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन की कोशिशों के बावजूद ईरान का कोई भी तेल का कुआ नहीं फटा है.

सोशल मीडिया पर ट्रंप का पोस्ट

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर 26 अप्रैल को एक पोस्ट में दावा किया कि ईरान के तेल कुओं में तीन दिनों के भीतर बहुत शक्तिशाली विनाशकारी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और कुएं फट जाएंगे. अमेरिकी रणनीति का मकसद होर्मुज में ईरान के तेल निर्यात को पूरी तरह रोकना था, ताकि तेहरान की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बनाया जा सके. ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी सेना को ईरानी समुद्री व्यापार पर सख्त नाकेबंदी लगाने का आदेश दिया. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान के साथ स्थायी शांति समझौता या परमाणु मुद्दे पर कोई ठोस समझौता नहीं होता, नाकेबंदी जारी रहेगी.

ईरान की ओर से तीखा पलटवार

ट्रंप की घोषित समय सीमा बीतते ही ईरान की ओर से तीखा प्रतिक्रिया आई है. गालिबफ, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की वायु सेना के पूर्व कमांडर और तेहरान के पूर्व मेयर रह चुके हैं, उन्होंने लिखा कि 3 दिन हो गए, कोई कुआं नहीं फटा. हम इसे 30 दिन तक बढ़ा सकते हैं और कुओं का यहां लाइवस्ट्रीम कर सकते हैं.

गालिबफ ने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट समेत शीर्ष अधिकारियों की सलाह को बेकार बताते हुए कहा कि आर्थिक दबाव की इस रणनीति ने उल्टा असर किया है. उन्होंने दावा किया कि नाकेबंदी के कारण वैश्विक तेल की कीमतें बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं और अगला पड़ाव 140 डॉलर हो सकता है. गालिबफ ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह उस तरह की बेकार सलाह थी, ऐसे ही सलाह तेल की कीमतों को 120 डॉलर से ऊपर ले जाते हैं. वैश्विक बाजार में इस तनाव का सीधा असर दिख रहा है. ब्रेंट क्रूड की कीमतें 6 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 118 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई हैं, जो जून 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है. अब यह 140 डॉलर तक पहुंच सकता है.