Canada Deports Indians: कनाडा से भारतीय नागरिकों का जबरन निर्वासन अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है, जो 2024 के रिकॉर्ड को पार कर गया है. कैनेडियन बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) के आंकड़ों के अनुसार, 28 जुलाई 2025 तक 1,891 भारतीयों को देश से बाहर किया गया, जो पिछले साल के पूरे आंकड़े 1,997 से थोड़ा कम है लेकिन वर्ष के अंत तक इसे पार करने की उम्मीद है. 2019 में यह संख्या मात्र 625 थी, जो अब तीन गुना से अधिक हो चुकी है. कनाडा से निर्वासित सबसे अधिक लोगों की संख्या मेक्सिको (2,678) की है जिसके बाद भारत दूसरे स्थान पर है. निर्वासन की प्रक्रिया में लंबित मामलों में भी भारतीय सबसे आगे हैं, जिनकी संख्या 6,837 है, उसके बाद मेक्सिको (5,170) और अमेरिका (1,734) के नागरिक. कुल 30,733 मामलों में से 27,103 शरणार्थी दावेदार हैं, जिसमें भारतीयों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है.
पीएम कार्नी का फोकस: आपराधिक तत्वों पर सख्ती
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस सप्ताह टोरंटो में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया के सवाल पर कहा कि उनकी सरकार विदेशी अपराधियों के निर्वासन पर जोर देगी. उन्होंने संक्षेप में कहा, "हां, हम प्रक्रिया को तेज करेंगे, बेहतर संसाधन उपलब्ध कराएंगे और ट्रैकिंग सुधारेंगे." यह बयान शरणार्थियों और अस्थायी निवास परमिट धारकों से जुड़ा था. कार्नी ने इसे आप्रवासन प्रणाली में व्यापक सुधारों का हिस्सा बताया. बढ़ते एंटी-इमिग्रेशन मूड के बीच यह कदम महत्वपूर्ण है.
पील रीजनल मामला: मेल चोरी का बड़ा रैकेट
10 अक्टूबर को पील रीजनल पुलिस (PRP) ने पहली बार घोषणा की कि वह क्राउन अटॉर्नी कार्यालय और सीबीएसए के साथ मिलकर आरोपी विदेशी नागरिकों के निर्वासन पर विचार कर रही है. यह मिसिसॉगा और ब्रैम्पटन में 450 मेल चोरी के मामले से जुड़ा है, जिसकी कीमत 4 लाख कैनेडियन डॉलर से अधिक है. गिरफ्तार आठ पुरुषों सुमनप्रीत सिंह, गुरदीप चट्ठा, जशंदीप जट्टाना, हरमन सिंह, जसनप्रीत सिंह, मनरूप सिंह, रजबीर सिंह और उपिंदरजीत सिंह पर कुल 344 आरोप हैं.