बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पुलिस से लेकर आम लोगों तक सबको हैरान कर दिया. दो साल पहले पति संदीप ने अपनी पत्नी प्रियंका की हत्या का आरोप लगाकर ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज कराया था. पुलिस लंबे समय से जांच में जुटी थी.
तभी अचानक पति के मोबाइल पर प्रियंका के आधार अपडेट का OTP आया. इसी छोटे संदेश ने पूरी कहानी उलट दी और पता चला कि प्रियंका जिंदा है. वह राजस्थान में एक अन्य व्यक्ति के साथ रह रही थी. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और महिला को बरामद कर बस्ती लाई, जहां भावुक मंजर देखने को मिला.
प्रियंका और संदीप की शादी 14 मई 2017 को हुई थी. सात साल तक रिश्ता अच्छा चला, एक बेटा भी हुआ. लेकिन 1 जुलाई 2024 को झगड़े के बाद प्रियंका जेवरात लेकर मायके चली गई. कुछ घंटों बाद वह बच्चे के साथ आत्महत्या के इरादे से अयोध्या निकली. वहां राजस्थान से आए मंगलचंद्र ने उसे रोक लिया. प्रियंका ने मौत का फैसला बदलकर उसके साथ राजस्थान चली गई और वहां पति-पत्नी की तरह रहने लगी.
प्रियंका के लापता होने पर संदीप ने शक किया कि ससुराल वालों ने जेवर के लालच में उसकी और बच्चे की हत्या कर लाश नदी में फेंक दी. पहले शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट गए. कोर्ट के आदेश पर 4 नवंबर 2024 को प्रियंका के पिता दयाराम, मां सुभावती देवी, चचेरी बहन और अशोक कुमार मौर्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ. पुलिस दो साल से इस केस की तहकीकात कर रही थी.
एक दिन संदीप के फोन पर आधार अपडेट का OTP आया. वह हैरान रह गया क्योंकि प्रियंका का नाम था. उसने फौरन पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से राजस्थान के आधार सेंटर का पता लगाया और वहां पहुंचकर प्रियंका को उसके घर से बरामद किया. बस्ती लाकर पूछताछ की गई. प्रियंका ने कोर्ट में बयान दिया कि वह जिंदा है और खुद गई थी.
बस्ती पहुंचकर संदीप ने प्रियंका और बेटे को देखा तो भावुक हो उठा. उसने बच्चे को गले लगाने की कोशिश की, लेकिन बच्चा अब उसे पहचानने को तैयार नहीं था. संदीप बच्चे को अपने पास रखना चाहता है, जबकि प्रियंका साथ रहने से इनकार कर रही है. एएसपी श्यामकांत ने बताया कि पूरी जांच जारी है और बच्चे के भविष्य को लेकर सभी पक्षों से बात हो रही है.