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मुकदमा खत्म करने के बदले रची पन्नू की हत्या की साजिश! आखिर कौन हैं निखिल गुप्ता?

Nikhil Gupta: खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में गिरफ्तार किए गए निखिल गुप्ता को अमेरिका लाया गया है. निखिल को पिछले साल चेक रिपब्लिक में गिरफ्तार किया गया था. अब लगभग एक साल बाद निखिल गुप्ता का प्रत्यर्पण किया गया है. आरोप है कि निखिल गुप्ता ने गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रची थी. अमेरिकी एजेंसियों ने आरोप लगाए थे कि निखिल गुप्ता ने एक भारतीय अधिकारी के साथ मिलकर यह साजिश रची थी.

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India Daily Live

भारतीय मूल के निखिल गुप्ता को अमेरिका लाया गया है. आरोप है कि सिख फॉर जस्टिस को चलाने वाले गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने में निखिल गुप्ता का हाथ है. इसी मामले में चेक रिपब्लिक की पुलिस ने निखिल गुप्ता को पिछले साल गिरफ्तार कर लिया था. अब अमेरिका ने उसका प्रत्यर्पण किया है. पिछले साल जब निखिल गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था तब जो आरोप लगाए गए थे, वे हैरान करने वाले हैं. कहा गया था कि भारत में निखिल गुप्ता के खिलाफ एक केस चल रहा था, इसी केस को खत्म करने के बदले निखिल ने पन्नू की हत्या की साजिश रची. निखिल गुप्ता के खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं, उनके हिसाब से अमेरिका में लगभग 20 साल की सजा हो सकती है.

मामला यह है कि सिख फॉर जस्टिस चलाने वाला गुरपवंत सिंह पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है. वह भारत से फरार हो चुका है और उसके खिलाफ कई मुकदमे भी चल रहे हैं. सिख फॉर जस्टिस नाम के एक संगठन के जरिए वह लगातार भारत के खिलाफ जहर उगलता है. खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद इस तरह के लोगों की हत्या के प्रयासों के मामले सामने आए है. ऐसे ही एक आरोप में निखिल गुप्ता को गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तार 30 जून 2023 को हुई थी.

कौन हैं निखिल गुप्ता?

निखिल गुप्ता एक भारतीय नागरिक हैं. निखिल गुप्ता एक बिजनेसमैन हैं. वह पहली बार तभी चर्चा में आए जब पिछले साल जून के महीने में उन्हें चेक रिपब्लिक में गिरफ्तार किया गया. निखिल गुप्ता के बारे में ज्यादा जानकारी तो नहीं मिली है लेकिन उनके ऊपर लगाए गए आरोप एक अलग कहानी कहते हैं. अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के दस्तावेजों के मुताबिक, निखिल गुप्ता पर गुजरात में कुछ मुकदमे चल रहे हैं.आरोप हैं कि इन्हीं मुकदमों को खत्म करवाने के बदले निखिल ने भारत के एक सीक्रेट एजेंट के लिए काम किया. इस दस्तावेज में सीक्रेट एजेंट की पहचान CC-1 के रूप में दर्ज की गई है.

आरोप है कि निखिल गुप्ता ने CC-1 के कहने पर ही पन्नू की हत्या की साजिश रची. इस हत्या के लिए निखिल गुप्ता ने जिस किलर को कॉन्ट्रैक्ट दिया वह अमेरिका का अंडरकवर एजेंट था. आरोप है कि निखिल गुप्ता ने खुद को नार्कोटिक्स और हथियारों की तस्करी से जुड़ा बताया था. अमेरिकी एजेंसी का दावा है कि जब निखिल गुप्ता ने हत्या की बातें कीं तो लवह दिल्ली या उसके आसपास के इलाके में थे. अमेरिका में दायर मुकदमे के दस्तावेजों के मुताबिक, 12 मई 2023 को निखिल गुप्ता को CC-1 की ओर से बताया कि उनका केस खत्म कर दिया गया है और अब गुजरात पुलिस की ओर से कोई फोन नहीं आएगा.

इसके बाद जून में निखिल गुप्ता को गुरपतवंत पन्नू के बारे में कई अहम जानकारी दी गई. आरोप है कि गुरपतवंत पन्नू के अलावा हरदीप सिंह निज्जर और ऐसे ही कई अन्य लोगों की हत्या करने की साजिश भी रची गई थी. इसी के बाद जून में निखिल गुप्ता चेक रिपब्लिक पहुंचे और 30 जून 2023 को उन्हें वहीं पर गिरफ्तार कर लिया. उनके परिवार ने आरोप लगाए कि उन्हें जेल में बीफ खाने पर मजबूर किया जाज रहा है जबकि वह शाकाहारी हैं.

सुप्रीम कोर्ट तक गई थी बात

इस मामले में निखिल गुप्ता के परिवार ने भारत के सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया था कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकती है. कोर्ट ने यह भी कहा था कि इस मामले पर सरकार ही कुछ कर सकती है.