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असम के कोयला खदान में 100 फीट तक बढ़ा पानी का स्तर, बचाव दल को आ रही मुश्किलें, 9 मजदूरों के फंसे होने की खबर

असम के दीमा हसाओ जिले में एक कोयला खदान में फंसे नौ मजदूरों की सुरक्षित निकासी के लिए चलाया जा रहा बचाव अभियान हर बीतते मिनट के साथ चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है.

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Garima Singh

असम के दीमा हसाओ जिले में एक कोयला खदान में फंसे नौ मजदूरों की सुरक्षित निकासी के लिए चलाया जा रहा बचाव अभियान हर बीतते मिनट के साथ चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है. खदान में पानी का स्तर 100 फीट तक बढ़ गया है, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है. 

भारतीय सेना, असम राइफल्स, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अलावा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से नौसेना के गोताखोरों को बुलाया गया है. दो जल पंपिंग मशीनें भी पानी निकालने के प्रयास में तैनात है.  हालांकि, अभी तक मजदूरों को बाहर निकालने में सफलता नहीं मिली है. 

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मांगी मदद

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डी से संपर्क कर मदद मांगी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "कोल इंडिया लिमिटेड को बचाव अभियान में सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं. मैं उनका आभारी हूं.' मुख्यमंत्री ने सेना की त्वरित प्रतिक्रिया और सहायता के लिए भी आभार व्यक्त किया है. 

मजदूरों की पहचान और स्थिति

बता दें असम कोयला खदान में अचानक पानी भर जाने से नौ मजदूर उमरंगसो के तीन किलोमीटर क्षेत्र में स्थित खदान में सोमवार से फंसे हुए हैं. खदान में फंसे मजदूरों की पहचान गंगा बहादुर श्रेथ, हुसैन अली, जाकिर हुसैन, सरपा बर्मन, मुस्तफा शेख, खुशी मोहन राय, संजीत सरकार, लिजान मगर और सरत गोयारी के रूप में की गई है. 

अवैध खदान की जांच शुरू

मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि घटना की जांच के लिए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. प्रथम दृष्टया खदान अवैध प्रतीत होती है.  पुलिस ने पुनीश नुनिसा नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. 

हर संभव प्रयास जारी

उमरंगसो में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार हर संभव कदम उठा रही है. मजदूरों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं.