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India Daily

'यूके FTA मतलब भारत पर विश्वास कर रही दुनिया', तमिलनाडू में गरजे पीएम मोदी

तमिलनाडु के तूतूकुड़ी में 4,800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि यह आत्मविश्वास विकसित भारत और विकसित तमिलनाडु की गारंटी है. 

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'यूके FTA मतलब भारत पर विश्वास कर रही दुनिया', तमिलनाडू में गरजे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यूनाइटेड किंगडम के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की सराहना की. उन्होंने कहा, “यूके एफटीए से दुनिया का भारत पर भरोसा और देश का आत्मविश्वास झलकता है.” तमिलनाडु के तूतूकुड़ी में 4,800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि यह आत्मविश्वास विकसित भारत और विकसित तमिलनाडु की गारंटी है. 

ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों की भूमिका

प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों की भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, “मेक इन इंडिया हथियारों ने दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने में शानदार भूमिका निभाई; इन हथियारों से दुश्मनों की नींद उड़ गई है.” यह सैन्य कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी.

तमिलनाडु में बुनियादी ढांचा परियोजनाएं

प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछले 11 वर्षों में बुनियादी ढांचे और ऊर्जा पर हमारा ध्यान तमिलनाडु के विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता दर्शाता है.” उन्होंने तूतूकुड़ी हवाई अड्डे पर 450 करोड़ रुपये की लागत से बने नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया, जो 17,340 वर्ग मीटर में फैला है और प्रति वर्ष 20 लाख यात्रियों को संभाल सकता है. इसके अलावा, 2,350 करोड़ रुपये की लागत से विक्रवंडी-थंजावुर कॉरिडोर के तहत 50 किमी सेठियाथोप-चोलापुरम मार्ग का 4-लेनिंग और 200 करोड़ रुपये की लागत से 5.16 किमी तूतूकुड़ी पोर्ट रोड का 6-लेनिंग कार्य राष्ट्र को समर्पित किया गया.

बंदरगाह, रेलवे और बिजली परियोजनाएं

पीएम मोदी ने वीओ चिदंबरनार बंदरगाह पर 285 करोड़ रुपये की लागत से 6.96 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता वाले नॉर्थ कार्गो बर्थ-III का उद्घाटन किया. साथ ही, दक्षिणी तमिलनाडु में तीन रेल परियोजनाओं, जिसमें 90 किमी मदुरै-बोदिनायक्कनूर लाइन का विद्युतीकरण और 650 करोड़ रुपये की लागत से नागरकोइल-कन्याकुमारी खंड का दोहरीकरण शामिल है, को राष्ट्र को समर्पित किया.