नई दिल्ली: महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 18वीं सदी के सुल्तान टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से की. इसपर विवाद गहराता जा रहा है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सपकाल के कमेंट को शर्मनाक बताया, जबकि AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने BJP पर तीखा हमला करते हुए कहा कि टीपू सुल्तान हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल थे.
ओवैसी ने कहा, 'टीपू सुल्तान 1799 में शहीद हुए थे. टीपू अंग्रेजों से लड़ते हुए मरे थे. टीपू ने आपके हीरो यानी वीर सावरकर की तरह जेल में रहते हुए अंग्रेजों को लव लेटर नहीं लिखे थे. टीपू सुल्तान अपने देश को अंग्रेजों से आजाद कराने के लिए शहीद हो गए थे. अंग्रेज टीपू से इतना डरते थे कि टीपू की बॉडी डेढ़ घंटे तक वहीं पड़ी रही. ब्रिटिश सेना ने बॉडी को घेर लिया, लेकिन उन्हें डर था कि अगर शेर जाग गया तो क्या होगा. जब उन्होंने जाकर देखा तो टीपू की बॉडी गर्म थी.
उन्होंने कहा, 'देवेंद्र फडणवीस सर, क्या यह सच नहीं है कि टीपू के पास मिली अंगूठी पर राम लिखा था? इसे 2014 में बरसानिया में नीलाम किया गया था. क्या यह झूठ है कि APJ अब्दुल कलाम ने अपनी किताब, विंग्स ऑफ़ फायर में लिखा था कि हम रॉकेट टेक्नोलॉजी के जरिए टीपू के सपनों को पूरा कर रहे हैं? APJ अब्दुल कलाम आपके लिए बेहतर रोल मॉडल हैं.'
ओवैसी ने कहा, 'अगर आप इस पर विश्वास नहीं करते हैं, तो आपको कम से कम गांधी पर विश्वास करना चाहिए.' उन्होंने अपनी मैगजीन, 'यंग एज' में लिखा कि टीपू सुल्तान हिंदू-मुस्लिम एकता के समर्थक थे. सेना ने श्रृंगेरी मठ से सोने की मूर्ति जब्त कर ली थी, जिसके बाद टीपू सुल्तान ने इसे बनवाने का काम शुरू किया. टीपू सुल्तान एक राजा थे. हर राजा को सिर्फ अपनी ताकत की फिक्र होती थी. लेकिन सच को गलत तरीके से पेश नहीं किया जाना चाहिए.
टीपू सुल्तान के सेनापति अप्पाजी राम थे. उनके सलाहकार कृष्ण राव थे. BJP सिर्फ नफरत फैलाना चाहती है. टीपू की फोटो भारत के पहले संविधान की किताब में है.
सपकाल ने बुलढाणा में रिपोर्टरों से बात करते हुए मालेगांव महानगरपालिका के उप-महापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के ऑफिस में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाने को लेकर हुए विवाद पर बात की, जिसका शिवसेना पार्षदों और इलाके के हिंदू संगठनों ने विरोध किया था.
इसके बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह तुलना निंदनीय है और कांग्रेस नेता को खुद पर शर्म आनी चाहिए. नागपुर में रिपोर्टर्स से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र इसे बर्दाश्त नहीं करेगा. सपकाल को छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने के लिए माफी मांगनी चाहिए. कांग्रेस को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए और उसके साथियों को सपकाल की बातों पर अपना स्टैंड साफ करना चाहिए.'