चंद्रपुर में 'उद्धव सेना' ने बीजेपी से मिलाया हाथ, सबसे बड़ी पार्टी होकर भी कांग्रेस ने गंवाई महापौर की सीट

महाराष्ट्र के चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद महापौर पद गंवा बैठी है. क्योंकि उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने अचानक बीजेपी का साथ दे दिया. बीजेपी उम्मीदवार ने एक वोट से जीत हासिल की, जबकि शिवसेना को उपमहापौर का पद मिला.

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Kuldeep Sharma

चंद्रपुर नगर निगम चुनाव में राजनीतिक उलटफेर ने सबको चौंका दिया. कांग्रेस ने सबसे ज्यादा सीटें जीतकर मजबूत दावा पेश किया था, लेकिन सहयोगी शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने पलटवार करते हुए बीजेपी से हाथ मिला लिया. इससे बीजेपी की संगीता खंडेकर महापौर बन गईं और शिवसेना के प्रशांत दानव को उपमहापौर का पद मिला. इस घटना ने महा विकास आघाड़ी की एकता पर सवाल उठाए, क्योंकि कांग्रेस को अंदरूनी कलह का भी सामना करना पड़ा. विपक्षी गठबंधन की कमजोरी उजागर हुई, जो राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकती है.

कांग्रेस को लगा बड़ा झटका

चंद्रपुर में कांग्रेस 27 पार्षदों के साथ सबसे मजबूत स्थिति में थी, लेकिन गुटबाजी ने उसकी कमर तोड़ दी. विजय वडेट्टीवार और प्रतिभा धनोरकर के बीच विवाद ने बीजेपी को फायदा पहुंचाया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की जांच की बात कही, लेकिन यह साफ है कि कांग्रेस की आंतरिक समस्याओं ने विपक्षी एकता को कमजोर किया. अब कांग्रेस को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा.

शिवसेना के पलटने का खेल

उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंप दिया. उसके छह पार्षदों ने बीजेपी का साथ चुनकर महापौर चुनाव का रुख मोड़ दिया. कांग्रेस उम्मीदवार वैशाली महाडुले को सिर्फ एक वोट से हार मिली. यह कदम इंडिया गठबंधन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है, क्योंकि शिवसेना महा विकास आघाड़ी की प्रमुख साथी है. राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे बड़ा विश्वासघात मान रहे हैं.

चुनाव नतीजे और वोटों का गणित

66 सदस्यीय निगम में कांग्रेस को 27, बीजेपी को 23 सीटें मिलीं. शिवसेना (उद्धव) के छह, भारतीय शेतकरी कामगार पक्ष के तीन, वंचित बहुजन आघाड़ी के दो, जबकि एआईएमआईएम, बसपा और शिवसेना को एक-एक सीट मिली. दो निर्दलीय भी जीते. महापौर चुनाव में बीजेपी को 32 और कांग्रेस को 31 वोट मिले. शिवसेना के समर्थन ने बाजी पलट दी, जिससे राजनीतिक सौदेबाजी के आरोप लगे.

प्रतिक्रियाएं और आगे का रास्ता

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने शिवसेना (उद्धव), एआईएमआईएम और वंचित बहुजन आघाड़ी पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस हार से राज्य की राजनीति प्रभावित होगी. कांग्रेस अब गठबंधन की समीक्षा करेगी, जबकि बीजेपी अपनी जीत को मजबूत आधार मान रही है. यह घटना महाराष्ट्र में विपक्षी दलों के बीच अविश्वास को बढ़ाएगी, जो आगामी चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकता है.