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'पप्पू नहीं हैं राहुल गांधी...', सैम पित्रोदा ने बताया कैसे सबसे अलग हैं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष?

Pappu Row: इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन और विवादित बयानों के लिए मशहूर सैम पित्रोदा ने कहा है कि राहुल गांधी इस देश के विजनरी नेता हैं. उनके पास देश को चलाने का दृष्टिकोण है. वे बहुत पढ़े लिखे हैं, उनके पास सही रणनीति है, हर विषय की अच्छी समझ है. उन्होंने राहुल गांधी की जमकर तारीफ की और कहा कि देश को उनसे बेहतर नेता नहीं मिल सकता है.

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'पप्पू नहीं हैं राहुल गांधी...', सैम पित्रोदा ने बताया कैसे सबसे अलग हैं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष?
Courtesy: X/RahulGandhi

Sam Pitroda on Rahul Gandhi's Pappu Tag: इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने टेक्सॉस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा है कि राहुल गांधी, पप्पू नहीं हैं. उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के बारे में कहा कि वे एक दृष्टिकोण वाले नेता हैं, जो जनप्रिय हैं और जनता के मुद्दों को सही तरीके से समझते हैं. राहुल गांधी को विपक्ष का एक धड़ा, तंजिया लहजे में पप्पू कहता है. कांग्रेस, इसे लेकर हमलावर रहती है, वहीं विरोधी दलों के IT सेल से राहुल गांधी के वीडियो मॉर्फ्ड (छेड़छाड़) करके शेयर किए जाते हैं. कांग्रेस पार्टी में किसी नेता ने पहली बार, इस पर बयान दिया है. सैम पित्रोदा ने राहुल गांधी की तारीफ में जमकर कसीदे पढ़े हैं.

सैम पित्रोदा अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं. कभी वे भारतीय समुदाय पर नस्लवादी टिप्पणी करते हैं, कभी विरासत को लेकर ऐसा बयान देते हैं कि उस पर चुनावी भाषणों का एजेंडा ही बदल जाता है. सैम पित्रोदा ने अब, 'पप्पू' टैग को लेकर अपना पक्ष रखा है. उन्होंने साफ कह दिया कि राहुल गांधी पप्पू नहीं, कांग्रेस और देश भविष्य हैं.

'पप्पू' पर सैम पित्रोदा ने कहा क्या है?

सैम पित्रोदा ने कहा, 'उनके पास एक ऐसा नजरिया है, जो बीजेपी के करोड़ों रुपयों खर्च करने के बाद आए नजरिए से अलग है. मैं आपको बता रहा हूं वे पप्पू नहीं हैं. वे बेहद पढ़े लिखे हैं, किसी भी विषय पर गहरी सोच रखने वाले रणनीतिकार हैं. उन्हें समझना इतना आसान नहीं है.'

'धर्म, भाषा और विचार भूलिए, कीजिए सम्मान'

सैम पित्रोदा ने कहा, '50 की दशक की शुरुआत में गांधी की विचारधार, स्कूलों में पढ़ाई जाती थी. करोड़ों लोग इसे सीखते थे. समावेशिता और विविधता, केवल शब्द नहीं थे, इसे हम जीते थे. जब मैं समाज में आए बदलावों को देखते हैं, जो हमारे समाज के बुनियादी ढांचे को प्रभावित कर रहे हैं, तब दुख होता है. मेरा विचार यह है कि हमें रेस, धर्म, भाषा और राज्यों के विचार को भूलकर, सबका सम्मान करना चाहिए.'

सैम पित्रोदा को पसंद है राहुल गांधी का ये अंदाज

सैम पित्रोदा ने कहा, 'हम वही अवसर, सबके लिए उपलब्ध कराते हैं. हम सम्मान के साथ लोगों को श्रम का अवसर देते हैं. ये वो कदम हैं, जिन्हें राहुल गांधी उठाना चाहते हैं. यही मुझे बेहद खुशी देता है.'

'राहुल गांधी जानते हैं कैसा भारत होना चाहिए'

सैम पित्रोदा ने कहा, 'राहुल गांधी का एजेंडा, विविधता को मानना है. उनके पास अलग तरह की कार्ययोजना है, जिस पर लोगों ने लंबे समय से सोचा है लेकिन काम नहीं किया है.  लोकतंत्र आसान नहीं है, इसके लिए हम जैसे लोगों का साथ आना जरूरी है. हम इसे हल्के में नहीं ले सकते कि कुछ लोग लोकतंत्र को हाइजैक करना चाहते हैं. हमने इसे कई देशों में देखा है. स्वतंत्रता के वक्त भी महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल और आजाद जैसे नेता, इस पर एकमथ थे कि उन्हें कैसा भारत बनाना है.'

अमेरिका दौरे पर हैं राहुल गांधी

सैम पित्रोदा ने कहा, 'हर किसी को पता है कि आजादी का मतलब क्या होता है. भारत में आजाद भारत का अर्थ क्या है. मैं चाहता हूं आप लोग इंडियन ओवरसीज कांग्रेस में शामिल हों. हमारी कार्यप्रणालियों में सुधार कीजिए. ज्यादा विविधतापूर्ण लोगों को साथ लाइए.' राहुल गांधी अभी अमेरिका दौरे पर हैं. वे अलग-अलग विश्वविद्यालयों में जाकर लोगों से बातचीत कर रहे है.