menu-icon
India Daily

राहुल गांधी ने छठ पूजा के बधाई संदेश को कर दिया 'कॉपी पेस्ट', बीजेपी बोली- 'बिहार की परंपराओं से कोई संबंध नहीं'

राहुल गांधी की छठ पूजा शुभकामना पोस्ट पर बवाल मच गया है. सोशल मीडिया यूज़र्स ने आरोप लगाया कि राहुल ने पिछले साल की ही तस्वीर दोबारा इस्तेमाल की, जिस पर भाजपा ने उन्हें 'कॉपी-पेस्ट नेता' कहकर निशाना साधा.

Kanhaiya Kumar Jha
राहुल गांधी ने छठ पूजा के बधाई संदेश को कर दिया 'कॉपी पेस्ट', बीजेपी बोली- 'बिहार की परंपराओं से कोई संबंध नहीं'
Courtesy: X

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा छठ पूजा पर दी गई शुभकामनाओं पर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, 'छठ पूजा के महापर्व पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं. यह पावन पर्व आपके जीवन को सुख, समृद्धि और सौभाग्य से आलोकित करे.'

क्यों लगा बधाई संदेश के कॉपी-पेस्ट का आरोप?

हालांकि, यह शुभकामना संदेश जल्द ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया जब यूजर्स ने ध्यान दिलाया कि इस पोस्ट में इस्तेमाल की गई तस्वीर पिछले वर्ष की शुभकामना पोस्ट से हूबहू मिलती-जुलती है. इसी बात को लेकर विपक्षी दलों ने राहुल गांधी पर निशाना साधा.

BJP आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने क्या कहा?

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल के संदेश को कॉपी-पेस्ट बधाई करार देते हुए कहा कि यह बिहार की परंपराओं से उनके वास्तविक जुड़ाव की कमी को दर्शाता है. मालवीय ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'अगर आपको बिहार और उसके त्योहारों से ज़रा भी लगाव नहीं है. इतना भी नहीं कि दिल से बधाई दे सकें, तो फिर चुनाव ही क्यों लड़ते हैं?'

मालवीय ने कहा- हुल गांधी के लिए छठ पूजा फोटो खिंचवाने और दिखावे का अवसर 

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी के लिए छठ पूजा जैसे पवित्र पर्व सिर्फ फोटो खिंचवाने और दिखावे का अवसर है. मालवीय ने कहा, 'आस्था और परंपरा से भरे इस त्योहार को भी आप पुराने पोस्ट से निपटा देते हैं. बिहार की भावनाओं का अपमान करना बंद करें और अगर उनकी आस्था समझ नहीं आती तो कोलंबिया जाकर छुट्टियां मनाएं.'

बता दें कि बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान चरम पर है. एक तरफ सत्तारूढ़ NDA एक बार फिर सत्ता में वापसी की पुरजोर कोशिशों में जुटा है, तो वही महागठबंधन दो दशकों का सियासी सूखा खत्म होने की आस पाले बैठा है. 

बता दें कि बिहार में दो चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण के तहत 6 नवंबर को जबकि दूसरे चरण के तहत 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. मतगणना 14 नवंबर को होगी। परिणाम घोषित होने के बाद ही पता चल पाएगा कि जनता ने किनके वादों पर भरोसा जताया है और किसे सत्ता की चाबी सौंपी है.