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India Daily

1.30 मिनट में देखें पाकिस्तान की तबाही का मंजर... Op सिंदूर से जांबाजों ने कुछ ऐसे लिया था पहलगाम का बदला

ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरा होने पर भारतीय सेना ने एक 1.30 मिनट का वीडियो जारी किया है, जिसमें पाकिस्तान की तबाही का मंजर दिखाया गया है.

Shilpa Shrivastava
1.30 मिनट में देखें पाकिस्तान की तबाही का मंजर... Op सिंदूर से जांबाजों ने कुछ ऐसे लिया था पहलगाम का बदला
Courtesy: X (@adgpi)

नई दिल्ली: 22 अप्रैल और 7 मई… ये दो ऐसी तारीखें हैं, जिन्हें शायद ही कोई भूल पाए. एक वो दिन है जब पहलगाम में धर्म पूछकर लोगों को मारा गया था. वहीं, एक वो दिन है जब भारत ने भारतीय महिलाओं के सुहाग का बदला पाकिस्तान से लिया था. आज से ठीक 1 साल पहले भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादियों के ठिकानों को तबाह कर दिया था. यह एक ऐतिहासिक ऑपरेशन था, जिसका नाम ऑपरेशन सिंदूर था. 

बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी. इस क्रूर कृत्य से देशभर में गुस्से की लहर आ गई थी. इस हमले की जिम्मेदारी द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी जो लश्कर-ए-तैयबा का ही एक चेहरा माना जाता है.

1.30 मिनट के वीडियो में दिखेगा भारतीय सेना का शौर्य:

ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर भारतीय सेना ने 1.30 मिनट का एक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में पाकिस्तान की तबाही का ट्रेलर दिखाया गया है. इस वीडियो के जरिए भारतीय सेना ने यह दावा किया है कि भारत अपनी संप्रभुता और अपने लोगों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. यहां देखें वीडियो-

राजनाथ सिंह ने किया सशस्त्र बलों की वीरता को नमन:

राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान को नमन है. यह ऑपरेशन राष्ट्रीय संकल्प और तत्परता का एक सशक्त प्रतीक है. यह दिखाता है कि जब भी देश पर कोई संकट आता है, तो हमारे सशस्त्र बल निर्णायक कार्रवाई के लिए सदैव तत्पर रहते हैं. यहां देखें पोस्ट-

 इन आतंकी ठिकानों पर किए गए सटीक हमले: 

भारतीय बलों ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और PoK में 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. इनमें बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर, मुजफ्फराबाद के सवाई नाला और सैयद ना बिलाल के कैंप, मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा, सियालकोट का महमूना जोया, कोटली के गुलपुर-अब्बास और भीमबर के बरनाला-सरजल जैसे ठिकाने शामिल थे. इन हमलों में करीब 100 से 125 आतंकियों के मारे जाने का अनुमान लगाया गया था. 

सिर्फ इतना ही नहीं, इस ऑपरेशन को इसलिए भी खास माना जा रहा था क्योंकि भारत ने पहली बार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के इलाकों में आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया था. सबसे अहम बात यह था कि इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने सैन्य या नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया. भारतीय सेना ने केवल आतंकी ढांचों पर फोकस किया था.