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India Daily

'टीएमसी के गुंडों की बीजेपी में नो एंट्री', बंगाल में जीत के बाद भाजपा की दो टूक; कहा- सजा दिलाकर रहेंगे

पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद भाजपा ने स्पष्ट किया है कि टीएमसी के अपराधियों को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा. प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि अपराध करने वालों को सजा मिलना तय है.

KanhaiyaaZee
'टीएमसी के गुंडों की बीजेपी में नो एंट्री', बंगाल में जीत के बाद भाजपा की दो टूक; कहा- सजा दिलाकर रहेंगे
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हवा अब पूरी तरह बदल चुकी है. 2026 के विधानसभा चुनाव में 207 सीटें जीतकर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के अभेद्य किले को ध्वस्त कर दिया है. इस ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन के बीच भाजपा ने उन लोगों को कड़ा संदेश दिया है जो सत्ता के लालच में या कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए पाला बदलने की फिराक में हैं. पार्टी ने साफ कर दिया है कि अपराधियों के लिए भाजपा के दरवाजे बंद हैं.

बंगाल भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता देबजीत सरकार ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की है. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के 'गुंडों' को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि वे भाजपा में शामिल होकर अपने पुराने अपराधों से बच जाएंगे. प्रवक्ता के अनुसार कोई भी व्यक्ति स्वघोषित तौर पर भाजपा में शामिल नहीं हो सकता है. पार्टी ने स्पष्ट किया है कि बंगाल भाजपा में किसी भी दागी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

सजा से बचने के लिए बीजेपी में नहीं कराई जाएगी एंट्री 

देबजीत सरकार ने जोर देकर कहा कि टीएमसी में रहकर जिन्होंने भी अपराध किया है, वे भाजपा में शामिल होकर खुद को सुरक्षित न समझें. अपराधी प्रवृत्ति वाले लोगों को भाजपा में प्रवेश नहीं कराया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें हर हाल में सजा मिले. भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका मकसद केवल सत्ता हासिल करना नहीं बल्कि अपराधियों को उनके किए की सजा दिलाना है. यह संदेश उन लोगों के लिए है जो पाला बदलने की सोच रहे हैं.

न्याय और व्यवस्था की नई शुरुआत

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने शांति और अपराध मुक्त शासन के लिए मतदान किया है. पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि टीएमसी शासन के दौरान हुए अपराधों की गहन जांच हो और पीड़ितों को न्याय मिले. भाजपा में नए सदस्यों की स्क्रीनिंग के लिए सख्त मानक तय किए गए हैं ताकि किसी भी अपराधी को संरक्षण न मिल सके. देबजीत सरकार ने दोहराया कि जो अपराधी हैं, उनका स्थान जेल में है, किसी राजनीतिक दल की छत्रछाया में नहीं.