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ANI vs OpenAI: OpenAI का दिल्ली हाई कोर्ट में चौंकाने वाला दावा, अमेरिकी कानून के उल्लंघन की क्यों कही बात?

दिल्ली हाईकोर्ट में ANI vs OpenAI मामले में 28 जनवरी को सुनवाई होगी. दिल्ली हाईकोर्ट में उस दिन क्या होता है इस पर देश की नजरें है क्योंकि इस तरह का ये सबसे बड़ा हाईप्रोफाइल मामला है जो कोर्ट में चल रहा है.

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Hemraj Singh Chauhan

टेक फील्ड की दिग्गज कंपनियों में शुमार OpenAI ने भारतीय अदालत के आदेश पर बड़ी दलील पेश की है. ओपन एआई ने एक भारत  की एक अदालत से कहा कि ChatGPT सर्विस के ट्रेनिंग डेटा को हटाने का आदेश अमेरिका में उसके कानूनी दायित्वों के साथ टकराव होगा. बता दें कि न्यूज एजेंसी एएनआई ने अपने डेटा के इस्तेमाल को लेकर कोर्ट में OpenAI के खिलाफ केस दर्ज किया है. इसकी सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही है. इस केस की सुनवाई के दौरान ओपनएआई ने ये दलीलें कोर्ट के सामने रखी.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट के निवेश वाली AI कंपनी ओपनएआई ने न्यूज एजेंसी ANI की तरफ से दायर कॉपीराइट उल्लघंन के मामले में कोर्ट में ये बातें कहीं. उसका कहना है कि इस मामले की सुनवाई भारत की अदालतों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है क्योंकि ओपनआई की देश में कोई उपस्थिति नहीं है. बता दें भारत में एआई के इस्तेमाल को लेकर ये सबसे हाई-प्रोफाइल मामला है जो देश के एक हाईकोर्ट में चल रहा है. 

ANI ने OPEN AI पर क्या लगाए आरोप?
देश की प्रमुख न्यूज एजेंसी एएनआई ने नवंबर 2024 में ओपनएआई के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दायर किया था. न्यूज एजेंसी ने आरोप लगाया कि ओपनएआई ने उसके कटेंट का इस्तेमाल बिना उसके अनुमति के किया. उसने चैटजीपीटी का इस्तेमाल प्रशिक्षित करने के लिए किया. कोर्ट में सुनवाई के दौरान ओपनएआई ने दिल्ली की अदालत में कहा कि वह अब आगे कभी भी एएनआई के कंटेंट का इस्तेमाल नहीं करेगी.

'प्रकाशित सामग्री हटाए ChatGPT'
न्यूज एजेंसी  एएनआई ने कोर्ट में कहा कि उसकी प्रकाशित सामग्री चैटजीपीटी के मैमोरी में सुरक्षित हो गई है और इस डाटा को कंपनी को हटाना चाहिए. एएनआई ने 
कोर्ट में आपत्ति जताते हुए कहा कि उनका बाकी न्यूज ऑर्गनाइजेशन के साथ प्रतियोगिता है. इससे सबको समान मौके नहीं मिलने का खतरा है. चैटजीपीटी किसी सवाल का जवाब उसके कटेंट से लेकर हूबहू पेश कर रही है. वहीं इसके जवाब में ओपनएआई ने कहा कि चैटजीपीटी को गुमराह करने के लिए एएनआई अपने आर्टकल का एक हिस्सा प्रॉम्ट के तौर पर इस्तेमालल करने की कोशिश कर रही है.
10 जनवरी को कोर्ट में ओपनएआई ने क्या कहा?
10 जनवरी को एएनआई के अपने डाटा को ChatGpt से हटाने की मांग पर ओपनएआई ने दिल्ली हाईकोर्ट में 86 पन्नों की एक फाइलिंग के जरिए जो पहले कोर्ट में पेश नहीं की थी, कहा कि फिलहाल वह अमेरिकी कोर्ट नें चल रहे मुकदमे के चलते डाटा को नहीं हटा सकती है. उसका कहना है कि  जब तक वहां सुनवाई चल रही है वो इस डाटा को नहीं हटा सकती है. वहां के कानूनों के चलते डाटा को सुरक्षित रखने की उसकी कानूनी जिम्मेदारी है. 
भारत में नहीं कोई ऑफिस
ओपनएआई ने ये भी कहा कि भारत में चैटजीपीटी का कोई ऑफिस नहीं है. यहां कोई सर्वर नहीं है जिस पर वो अपना ट्रेनिंह डाटा स्टोर करता है. ऐसे में एएनआई ने जिस राहत की बात कही है वो कोर्ट नहीं दे सकता क्योंकि ये भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र में नहीं है. वहीं एएनआई का मानना है कि ये दिल्ली की अदालत के अधिकार क्षेत्र में आता है. इस मामले में अगली सुनवाई 28जनवरी को होनी है.