नई दिल्ली: देश के बड़े हिस्से इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में हैं. उत्तर से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक तापमान 43-44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. लोग पसीने से तर-बतर हो रहे हैं और राहत की तलाश में हैं. ठीक इसी बीच यूरोपीय मध्यम-श्रेणी मौसम पूर्वानुमान केंद्र (ECMWF) ने एक उम्मीद भरी खबर दी है. उसके नए मॉडल बताते हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार समय से पहले दस्तक दे सकता है. अगर सब कुछ अनुकूल रहा तो मई के अंत में ही दक्षिण भारत में बारिश शुरू हो सकती है, जो लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी.
ECMWF के विस्तृत उप-मौसमी चार्ट के मुताबिक, मानसून 18 से 25 मई के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक पहुंच सकता है. इस दौरान दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के दक्षिणी हिस्से में तेज दक्षिण-पश्चिम हवाएं चलने की संभावना है. इन हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है, जिससे द्वीपों में सामान्य से 30 से 60 मिलीमीटर ज्यादा पानी गिरने का अनुमान है. उष्णकटिबंधीय प्रणाली बनने की भी मध्यम संभावना जताई गई है, जो मानसून की शुरुआत को और मजबूत बना सकती है.
Monsoon 2026: The Andaman Gateway Opens: Monsoon Set to Cross the Islands by May 18th. Kerala Braces for a May Monsoon Arrival!
— Parthan IN Weather (@PIW44) April 23, 2026
Based on the ECMWF sub-seasonal charts provided (Base time: April 22, 2026), here is a detailed breakdown of the weekly weather forecast for the second… pic.twitter.com/IhAl9T9hre
25 मई से 1 जून के बीच मानसून की लहर पश्चिम और उत्तर की ओर बढ़ने की उम्मीद है. दक्षिण-पूर्वी अरब सागर पर तेज पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जो नमी को सीधे केरल और तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों की ओर ले जाएंगी. मॉडल में केरल तट के आसपास बारिश के बादलों में साफ बढ़ोतरी दिख रही है. इससे इन इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है, जिससे गर्मी थोड़ी कम होगी और खेती-बाड़ी की तैयारियां भी समय पर शुरू हो सकेंगी.
मौसम विशेषज्ञ देवेंद्र त्रिपाठी के अनुसार, मानसून के समय को कई चीजें प्रभावित करती हैं. इस साल अल नीनो का असर नहीं रहेगा. हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) की भूमिका अहम होगी. अगर पश्चिमी हिंद महासागर पूर्वी भाग से ज्यादा गर्म रहा तो सकारात्मक IOD बनेगा, जो ज्यादा नमी लाकर मानसून को मजबूत बना सकता है. वहीं, बढ़ती गर्मी भी हवाओं को जल्दी सक्रिय कर सकती है.
अगर मई के अंत तक वायुमंडल या समुद्र में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो 25 मई के आसपास मानसून के आने की अच्छी संभावना है. पिछले साल भी पूर्वानुमान के मुताबिक मानसून उम्मीद से पहले पहुंचा था. इस बार भी संकेत सकारात्मक हैं. दक्षिण भारत के लाखों लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं. अगर ये पूर्वानुमान सही साबित हुए तो जल्द ही ठंडी हवाओं और बारिश का इंतजार खत्म हो सकता है.