नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट की जंग दुनियाभर के देशों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई है. इस बीच भारत सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक खत्म हो गई है. सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने की. रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा हुई. यह बैठक करीब 1.45 घंटे तक चली.
इस अहम बैठक में गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. कांग्रेस का प्रतिनिधित्व तारिक अनवर और मुकुल वासनिक ने किया, जबकि वाम दल सीपीआईएम की ओर से जॉन ब्रिटास बैठक में शामिल हुए. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी इस चर्चा का हिस्सा बने.
देश की ऊर्जा जरूरतों को लेकर सरकार ने सभी राजनीतिक दलों को भरोसा दिलाया है कि मौजूदा स्थिति पूरी तरह स्थिर और नियंत्रण में है. अहम बैठक के दौरान केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत के पास पर्याप्त ऊर्जा संसाधन उपलब्ध हैं और किसी तरह की कमी की आशंका नहीं है.
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने विपक्षी नेताओं को विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत स्थिति में है. बिजली, पेट्रोलियम और अन्य ईंधन की आपूर्ति लगातार बनी हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं और उद्योगों की जरूरतें बिना किसी बाधा के पूरी की जा रही हैं. बैठक में यह भी बताया गया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों के साथ लगातार संपर्क में है. ऊर्जा आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही एडवांस बुकिंग की जा चुकी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में देश को परेशानी का सामना न करना पड़े.
सर्वदलीय बैठक पर BJP सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि बैठक बुलाने का मकसद स्थिति को स्पष्ट करना था. उन्होंने आगे कहा कि यह साफ कर दिया गया है कि देश की स्थिति क्या है और सरकार इस बात को लेकर चिंतित है कि इस स्थिति से कैसे निपटा जाए.
#WATCH Delhi: On the all-party meeting, BJP MP Manan Kumar Mishra says, "The purpose of calling the meeting was to clarify the situation, that is, what exactly is going to happen and what is happening. It has been made clear what the situation of the country is... The government… pic.twitter.com/hYic68rAHH
— ANI (@ANI) March 25, 2026
वहीं, विपक्षी दलों की ओर से भी कई नेता इस बैठक में शामिल हुए. समाजवादी पार्टी से जावेद अली, आम आदमी पार्टी से संजय सिंह, डीएमके से कलानिधि वीरासामी, शिवसेना (यूबीटी) से संजय राउत, एनसीपी (शरद पवार गुट) से सुप्रिया सुले, टीडीपी से लवू कृष्णा और आरजेडी से अभय कुशवाहा शामिल हुए.
आपको बता दें कि राज्यसभा में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेस्ट एशिया में जारी युद्ध पर विस्तृत जानकारी दी थी और इसके भारत पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था कि यह संघर्ष चिंताजनक है और इसका असर लंबे समय तक बना रह सकता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और देश के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है.
प्रधानमंत्री ने कहा था कि वेस्ट एशिया में चल रहा युद्ध वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा कर रहा है. इसके चलते पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है. भारत जैसे देश जो ऊर्जा के लिए आयात पर निर्भर हैं, उनके लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है. उन्होंने बताया कि युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग भी प्रभावित हुए हैं, जिससे जरूरी वस्तुओं की सप्लाई बाधित हो रही है.