'इस्तीफा नहीं दूंगी, चाहे बर्खास्त कर दो', ममता बनर्जी के कम नहीं हो रहे तेवर, फिर दिखाया अड़ियल रुख
ममता बनर्जी ने दावा करते हुए कहा कि 'मैं हंस रही हूं. मैंने उन्हें नैतिक रूप से हरा दिया है. मैं आजाद पक्षी हूं. मैंने सबके लिए काम किया. हो सकता है हम चुनाव हार गए हों, लेकिन लड़ाई जारी रहेगी. गृह मंत्री और प्रधानमंत्री सीधे इसमें शामिल हैं.'
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की स्पष्ट जीत के बावजूद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है. बुधवार को नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में ममता बनर्जी ने साफ कहा- 'मैं इस्तीफा नहीं दूंगी. उन्हें मुझे बर्खास्त करना पड़ेगा.'
ममता बनर्जी ने फिर दिखाया अड़ियल रुख
ममता बनर्जी ने तीन बड़े ऐलान किए. उन्होंने कहा कि टीएमसी चुनाव परिणामों को कानूनी रूप से चुनौती देगी, पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता के बीच जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में बड़ी साजिश हुई है और उनके पार्टी का जनादेश छीना गया.
'मैं आजाद पक्षी हूं...'
बैठक में ममता ने कहा- 'बंगाल में इंडिया गठबंधन अब एकजुट है. मैं इस्तीफा नहीं दूंगी. इसे काला दिन बनाना है. हमें मजबूत रहना होगा. विधानसभा के पहले दिन सभी काले कपड़े पहनकर आएं.' उन्होंने आगे कहा कि पार्टी में विश्वासघात करने वालों को निकाल दिया जाएगा. ममता ने दावा किया- 'मैं हंस रही हूं. मैंने उन्हें नैतिक रूप से हरा दिया है. मैं आजाद पक्षी हूं. मैंने सबके लिए काम किया. हो सकता है हम चुनाव हार गए हों, लेकिन लड़ाई जारी रहेगी. गृह मंत्री और प्रधानमंत्री सीधे इसमें शामिल हैं.'
ममता बनर्जी ने चुनाव में बड़े स्तर पर धांधली का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि टीएमसी ने नैतिक जीत हासिल की है, भले ही सीटें कम आई हों. मंगलवार को भी उन्होंने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया था. टीएमसी सूत्रों के अनुसार ममता बनर्जी अब सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति पर काम कर रही हैं.
पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे शांतिपूर्ण तरीके से लेकिन मजबूती से सरकार के खिलाफ आवाज उठाएं. राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि ममता बनर्जी की यह रणनीति 'सामना की राजनीति' का हिस्सा है. चुनाव में हार के बावजूद वे मुख्यमंत्री पद पर बनी रहना चाहती हैं और केंद्र को उन्हें हटाने की चुनौती दे रही हैं. विपक्षी भाजपा ने ममता के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
भाजपा नेताओं का कहना है कि जनादेश का सम्मान करना चाहिए और ममता को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. दूसरी ओर टीएमसी कार्यकर्ता ममता के फैसले का समर्थन कर रहे हैं. वे कहते हैं कि ममता दीदी बंगाल की अस्मिता की रक्षा के लिए लड़ रही हैं. ममता बनर्जी की इस अड़ियल रुख से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.