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क्या ममता, विजयन और विजय बनाने जा रहे नया इतिहास? जानिए क्यों खास है बंगाल,तमिलनाडु और केरल का चुनाव

पांच राज्यों में वोटों की गिनती जारी है. लेकिन इस बार पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में कुछ खास रिकॉर्ड बन सकते हैं. आइए जानते हैं क्या हैं वे बड़े रिकॉर्ड

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Shanu Sharma

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में वोटों की गिनती जारी है. हालांकि अभी भी फाइनल रिज्लट जारी नहीं हुए हैं, लेकिन शुरूआती आंकड़ों के मुताबिक इस बार इन तीनों राज्यों में 'रिकॉर्डों का चुनाव' साबित हो सकते हैं. क्षेत्रीय दलों के प्रमुख नेता लगातार सत्ता बरकरार रखने या नई ऊंचाइयों को छूने की चुनौती से जूझ रहे हैं.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव ऐतिहासिक महत्व रखता है. उन्होंने 2011 में वामपंथी सरकार को 34 साल बाद सत्ता से बेदखल किया था. इसके बाद 2016 और 2021 में भी जीत दर्ज कर वे लगातार तीन बार मुख्यमंत्री बन चुकी हैं.

क्या ममता बनर्जी तोड़ेंगी पुराने रिकॉर्ड?

टीएमसी अगर इस बार भी चुनाव जीत जाती है, तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार इस बार सीएम पद पर बैठेंगी. अगर ऐसा होता है तो किसी भी महिला महिला मुख्यमंत्री द्वारा लगातार चार विधानसभा चुनाव जीतने का यह पहला मामला होगा. अभी ममता बनर्जी दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और तमिलनाडु की दिवंगत नेता जयललिता के रिकॉर्ड के बराबर पहुंची हैं. वहीं इस बार का चुनाव तमिलनाडु के लिए भी काफी खास है.

तमिलनाडु की राजनीति में फिर से फिल्मी दुनिया की एंट्री

पहली बार फिल्मी दुनिया से निकल कर एक्टर विजय आम चुनाव लड़ रहे हैं. विजय अगर यह चुनाव जीतते हैं तो एक बार फिर से रिकॉर्ड टूटेगा. उनसे पहले तमिलनाडु में एम.जी. रामचंद्रन और जयललिता जैसे कलाकारों ने फिल्मी दुनिया को छोड़कर राजनीति में एंट्री ली थी. वे AIADMK के मजबूत संगठन के सहारे सत्ता तक पहुंचे थे. वहीं चुनाव जीतने के बाद अपनी नवगठित पार्टी के जरिए सरकार बनाने में सफल हो जाएंगे, जो एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड होगा. 

पिनाराई विजयन फिर तोड़ेंगे रिकॉर्ड?

केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी  के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के लिए भी यह चुनाव रिकॉर्ड बनाने वाला साबित हो सकता है. केरल की राजनीति में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बीच सत्ता का बारी-बारी से आना-जाना एक परंपरा रही है. 2021 में पिनाराई विजयन ने इस परंपरा को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी. अगर 2026 में वे फिर सफल रहे तो LDF के नेतृत्व में केरल में लगातार तीसरी सरकार बनेगी. जो की इस एक नया रिकॉर्ड बनाएगी.