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आखिर क्यों सदन में ही खड़गे से भिड़ गए गोयल, राज्यसभा में बवाल

Piyush Goel vs Mallikarjun Kharge: संसद में बजट सत्र चालू है जिसके अपर हाउस राज्यसभा में शुक्रवार (2 फरवरी) को बवाल देखने को मिला है. यह बवाल उस वक्त हुआ जब केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल बयान दे रहे थे.

Vineet Kumar

Piyush Goel vs Mallikarjun Kharge: संसद में बजट सत्र चालू है जिसके अपर हाउस राज्यसभा में शुक्रवार (2 फरवरी) को बवाल देखने को मिला है. यह बवाल उस वक्त हुआ जब केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल बयान दे रहे थे. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सासंद डीके सुरेश के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने अलग देश की मांग की थी. हालांकि जैसे ही पीयूष गोयल ने बयान का जिक्र किया कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विरोध करना शुरू कर दिया और दोनों के बीच जोरदार बहस हुई.

राज्यसभा में क्या बोले पीयूष गोयल

राज्यसभा में पीयूष गोयल ने डीके सुरेश के बयान का जिक्र किया और कहा,'देश की सबसे पुरानी पार्टी और उसके नेता देश को उत्तर और दक्षिण के बीच बांटने में जुटे हैं. ये कांग्रेस के शुरुआती दौर से चले आ रहे व्यव्हार का ही नतीजा है कि उसकी विभाजनकारी सोच और काम करने का तरीका देश को बांटता ही रहा है. ये बयान उसी का उदाहरण है.'

गोयल के आरोप पर क्या बोले मल्लिकार्जुन खड़गे

जैसे ही पीयूष गोयल ने राज्यसभा में इस बात को कहा वैसे ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भड़क गए और उन्होंने सदन में कहा,' मैंने ऐसा बयान नहीं सुना और सुरेश ने भी इस बात पर सफाई दी है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा है. अगर उसने या किसी ने ऐसा कहा है तो उस पर कार्रवाई की जाए, देश तोड़ने की बात कोई भी करेगा तो हम उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे फिर चाहे वो हमारी पार्टी का हो या फिर दूसरी. हमें इस तरह की बात पर किसी के कहने का इंतजार नहीं करूंगा, मैं खुद सामने खड़ा होकर कहूंगा कि कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक हम भारतीय एक हैं और एक होकर ही रहेंगे. इस एकता के लिए इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने अपनी जान तक दे दी. ऐसी पार्टी पर देश को बांटने का आरोप हम कभी भी सहन नहीं करेंगे. जो बात उन्होंने बोली ही नहीं उसे यहां सदन में दोहराना ठाक नहीं है.'

आखिर क्यों है डी.के. सुरेश के बयान पर बवाल?

गौरतलब है कि एक फरवरी को कांग्रेस सांसद डी. के. सुरेश ने दावा किया था कि दक्षिण भारत से जितना पैसा इकट्ठा होता है उसे उत्तर भारत में विकास के नाम पर बांटा जा रहा है. दक्षिण भारत को ठीक तरीके से पैसा नहीं मिल रहा है. अगर दक्षिण भारत के राज्यों के साथ हो रहा ये अन्याय यहां पर नहीं रुका तो साउथ के राज्यों को एक अलग राष्ट्र की मांग करने पर मजबूर होना पड़ेगा.'


इसी बयान को लेकर बवाल मचा है और बीजेपी ने कांग्रेस पर देश का बंटवारा करने वाली सोच को बढ़ावा देने का आरोप लगी है.