'तेजी से बढ़ाएं प्रक्रिया...', लोकसभा स्पीकर ने अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को तेज करने के दिए निर्देश

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं. विपक्ष ने उन पर पक्षपात और विपक्ष की आवाज दबाने के आरोप लगाए हैं. इस कदम से संसद का माहौल और गरमाने की संभावना है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा सचिवालय को निर्देश दिया है कि वह विपक्ष द्वारा उनके खिलाफ लाए गए नो-कॉन्फिडेंस मोशन नोटिस की जांच करे और प्रोसेस में तेजी लाए. कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया अलायंस ने रूल 94(c) के तहत एक नोटिस दिया है, जिसमें स्पीकर पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने, राहुल गांधी को बोलने से रोकने और विपक्षी सांसदों को सस्पेंड करने का आरोप लगाया गया है. नोटिस पर 100 से ज्यादा सांसदों के साइन हैं.

संसदीय नियमों के अनुसार नोटिस की वैलिडिटी वेरिफाई होने के कम से कम 14 दिन बाद सदन में चर्चा के लिए लिस्ट किया जा सकता है. हालांकि, प्रस्ताव को पास होने के लिए लोकसभा की कुल मेंबरशिप के बहुमत की जरूरत होती है, जिसे विपक्ष के पास हासिल करने का बहुत कम चांस है.

लोकसभा सचिवालय की ओर से क्या कहा गया?

लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने विपक्ष का नोटिस मिलने की बात मानी और कहा कि इस पर विचार किया जाएगा और नियमों के मुताबिक एक्शन लिया जाएगा. निचले सदन में कांग्रेस के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई, कांग्रेस  मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश, MP मोहम्मद जावेद और अन्य ने लोकसभा सेक्रेटरी जनरल को नोटिस दिया. इस नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK और कई दूसरी विपक्षी पार्टियों के 100 से ज्यादा MPs ने साइन किए हैं. तृणमूल कांग्रेस के MPs ने नोटिस पर साइन नहीं किए हैं.

विपक्ष किस बात से नाराज है?

2 फरवरी को राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की अनपब्लिश्ड यादों का मुद्दा उठाने की इजाजत नहीं दी गई, सदन की अवमानना ​​के लिए आठ विपक्षी MPs को सस्पेंड किया गया और दूसरे मुद्दों की वजह से सदन में रुकावट आ गई. विपक्ष का आरोप है कि विपक्षी नेताओं को लोकसभा में बोलने नहीं दिया जाता, जबकि रूलिंग पार्टी के नेताओं को बोलने की पूरी आजादी दी जाती है.

नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर क्या आया रिएक्शन?

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्षी पार्टियों के नो-कॉन्फिडेंस मोशन के बारे में कांग्रेस MP शशि थरूर ने कहा, 'पार्टी ने जो भी करने को कहा है, हम वही करने का फैसला किया है. जाहिर है, पार्टी का मेंबर होने के नाते मैं पार्टी का सपोर्ट करता हूं.'