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'किल देम ऑन दा स्पॉट', पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों ने सरकार से की मांग

मंगलवार को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 28 लोग मारे गए. मरने वालों में ज्यादातर सैलानी थे. पीड़ित परिवारों ने सरकार से आतंकियों के लिए कड़ी सजा देने की मांग की है.

Sagar Bhardwaj

मंगलवार को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 28 लोग मारे गए. मरने वालों में ज्यादातर सैलानी थे. आतंकी हमले के एक दिन बाद पीड़ित परिवारों ने इस नृशंस कृत्य के दोषियों को कठोर से कठोर सजा देने की मांग की है. हमले में मारे गए नीरज उधवानी के चाचा भगवान दास ने कहा कि आतंकवादियों को पकड़कर जेल में रखने के बजाय उन्हें ऑन दा स्पॉट मार देना चाहिए चाहे वे जिस धर्म या जाति के हों.

बिना देरी के कड़ी सजा मिलनी चाहिए

उन्होंने कहा कि मैं सरकार से अपील करता हूं कि आतंकवादियों को मौके पर ही मार दिया जाना चाहिए. पहलगाम आतंकी हमले की पीड़ित अतुल मोने की भाभी राजश्री अकुल ने भी सरकार से आतंकियों के बिना देरी के कड़ी सजा देने की मांग की है. उन्होंने कहा, 'हमें पता चला है कि वह (अतुल मोने) हमले में मारा गया. उसके पेट में गोली लगी थी. हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि आतंकियों को बिना देरी के कड़ी सजा मिलनी चाहिए.'

वहीं एक अन्य पीड़ित परिवार ने कहा कि कश्मीर में हुए इस कायराना हमले के लिए आतंकवादियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि यह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन सके.

आतंकवादियों का सफाया करो

इस हमले में मारे गए सुनील नथानियल (58) जो ईस्टर मनाने के लिए अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के साथ जम्मू-कश्मीर गए थे के चचेरे भाई संजय कुमरावत ने कहा, 'हमने सुशील नथानिएल की पत्नी और बेटे से फोन पर बात की है. उन्होंने हमें बताया कि आतंकवादियों ने सुशील का नाम पूछा और उन्हें घुटने टेकने के लिए मजबूर किया, फिर उन्होंने उनसे कलमा पढ़ने को कहा. जब सुशील ने कहा कि वह कलमा नहीं पढ़ सकता तो आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी.' उन्होंने आतंकियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की.