विधानसभा चुनाव से पहले हो गया 'UPS' वाला खेल, समझिए BJP के मास्टरस्ट्रोक से विपक्ष को फायदा या नुकसान?
Unified Pension Scheme: बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले मास्टरस्ट्रोक खेला है. मोदी कैबिनेट ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी देकर विपक्ष से एक मुद्दा छीन लिया है. अपनी चुनावी रैलियों में बीजेपी इस स्कीम के फायदे गिनाकर मतदाताओं को अपने पाले में करने की कोशिश करना चाहेगी.
Unified Pension Scheme: हरियाणा और जम्मू -कश्मीर के विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्माचारियों को बड़ी सौगात देते हुए यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी दे दी है. 1 अप्रैल 2025 से इस योजना को लागू किया जाएगा. UPS बीजेपी के लिए मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकती है. दरअसल, ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर विपक्ष हमेशा से मोदी सरकार पर हमलावर है. ऐसे में पेंशन के लिए नई योजना को मंजूरी देकर बीजेपी ने एक तीर से दो निशाना साधने वाला काम किया है.
यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी देकर केंद्र सरकार ने 23 लाख केंद्रीय कर्मचारी को सीधे तौर पर बड़ा तोहफा दे दिया है. इस पेंशन योजना की विशेषताएं मतदाताओं को बीजेपी की ओर झुकाने का काम कर सकती है. यह योजना काफी हद तक पुरानी पेंशन योजना से मिलती जुलती लग रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जम्मू कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के लिए यह योजना मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकती है.
विपक्ष से छीन लिया एक और मुद्दा
विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनावों तक ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर विपक्ष हमेंशा बीजेपी पर हमलावर रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यूपीएस लाकर कहीं न कहीं बीजेपी ने अपने विरोधियों को पेंशन योजना के मुद्दे पर घेरने से मुह बंद कराने का काम किया है. यानी अब विपक्षी दल ओल्ड पेंशन स्कीम पर बीजेपी को घेरने से बचने की कोशिश करेंगे.
2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी ओल्ड पेंशन स्कीम को विपक्षी पार्टियों ने लागू करने की बात कही थी. 2024 के लोकसभा चुनाव में इसका असर भी देखने को मिला. समाजवादी पार्टी को 37 सीटों पर जीत मिली थी. वहीं, राजस्थान सरकार ने तो पुरानी पेंशन को बहाल ही कर दिया था. अभी भी कई राज्यों में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू है.
यूपी के 10 सीटों पर होने हैं विधानसभा चुनाव
2011 की जनगणना के अनुसार 10 फीसदी केंद्रीय कर्मचारी यूपी के हैं. राज्य में 10 सीटों पर विधानसभा चुनाव होने हैं. इस लिहाज से यूनीफाइड पेंशन स्कीम असरदार मानी जा रही है. इसका फायदा यूपी में होने वाले उप चुनाव में देखने को मिल सकता है.
केंद्रीय कर्मचारियों में 1 फीसदी लोग हरियाणा के हैं. हरियाणा में भी यूपीएस का फायदा देखने को मिल सकता है. विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना को मंजूरी देकर लागू करने का ऐलान करना बीजेपी के लिए कहीं न कहीं फायदेमंद साबित होता दिख रहा है.
विपक्ष को फायदा या नुकसान?
मोदी कैबिनेट यूनीफाइड पेंशन स्कीम को लागू करके कहीं न कहीं विपक्ष के लिए एक मुद्दा खत्म कर दिया है. बहुत से विपक्षी दल चुनावी रैलियों में ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने की बात किया करते थे. ऐसे में ये कहा जा सकता है कि यूपीएस से विपक्ष को फायदा तो नहीं होने वाला है. बीजेपी विधानसभा की चुनावी रैलियों में UPS के फायदे गिनाकर मतदाताओं को अपने पक्ष में कर सकती है.