8वें वेतन आयोग में 9 लाख का एरियर! इस फॉर्मूले से मालामाल हो जाएंगे सरकारी कर्मचारी
एरियर की अवधि 18 से 24 महीनों तक की जा सकती है. अब लोगों की जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर एरियर कितना मिलेगा. आइए फिटमेंट फेक्टर के हिसाब से समझते हैं...
आठवें वेतन आयोग को लेकर पूरे देश में चर्चा है. हर एक सरकारी कर्मचारी वेतन आयोग की सिफारिशें लागू का इंतजार कर रहा है. हालांकि वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में अभी एक साल से ज्यादा का समय लगेगा. वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगीं तो ऐसे में कर्मचारियों को एरियर भी मिलने की उम्मीद है. वेतन आयोग की सिफारिशें फिटमेंट फॉर्मूले के आधार पर लागू होने की उम्मीद है.
एरियर की अवधि 18 से 24 महीनों तक की जा सकती है. अब लोगों की जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर एरियर कितना मिलेगा. आइए फिटमेंट फेक्टर के हिसाब से समझते हैं...
लाखों रुपए का मिल सकता है एरियर
लेवल 1 से लेवल 5 तक के कर्मचारियों को लाखों में एरियर मिल सकता है. अगर 1 जनवरी 2026 से वेतन आयोग के लागू होने की तिथि मानते हुए 20 महीनों का एरियर लगाया जाए और फिटमेंट फैक्टर 2.0, 2.15, 2.28 या 2.57 मान लिया जाए तो इन कर्मचारियों को एकमुश्त मोटी रकम मिलने की संभावना है.
मान लीजिए कि सातवें वेतन आयोग के तहत लेवल 1 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18,000 रुपए हैं और लेवल 5 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 29,000 रुपए है तो आठवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों का 20 महीने का एरियर 3.60 लाख रुपए से 9.17 लाख रुपए तक बन जाता है.
7वें वेतन आयोग के तहत मौजूदा बेसिक पे पर स्वीकृत फिटमेंट फैक्टर लागू कर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है. इसके बाद नई और पुरानी सैलरी के बीच का मासिक अंतर निकाला जाता है और उसे महीनों की देरी की संख्या से गुणा किया जाता है. आमतौर पर एरियर में बेसिक पे का अंतर और संशोधित वेतन के अनुसार महंगाई भत्ते (DA) का अंतर शामिल होता है.
8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च
हाल ही में 8वें वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है. MyGov पोर्टल पर एक ट्रामसमिटिड प्रश्नावली के जरिए मंत्रालयों, विभागों, केंद्रीय कर्मचारियों और हितधारकों से सुझाव भी मांगे गए हैं. अगर सुझाव सही हुए तो उन पर अमल किया जाएगा. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी जबकि वित्त मंत्रालय ने 3 नवंबर को इसका नोटिफिकेशन जारी किया था.