Delhi News: भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुश विलमोर पिछले 80 दिनों से स्पेस स्टेशन में फंसे हुए हैं. अंतरिक्षयान की खराबी के कारण दोनों अभी तक वापस नहीं लौट पाए हैं. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) दोनों को सुरक्षित लाने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है लेकिन अभी तक इस प्रयास में सफलता नहीं मिल पाई है. हर दिन गुजरने के साथ दोनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है. ऐसे में सवाल उठा है कि क्या भारत की स्पेस एजेंसी (ISRO) सुनीता विलियम्स को धरती पर सुरक्षित वापस ला सकती है? इसरो चीफ ने इस सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
केवल रूस और अमेरिका के ही पास विकल्प
एस सोमनाथ ने कहा कि भारत की स्पेस एजेंसी के पास अभी अंतरिक्ष में बचाव अभियान चलाने के लिए कोई आवश्यक अंतरिक्षयान नहीं है. उन्होंने कहा कि यह विकल्प केवल अमेरिका और रूस के पास है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास क्रू ड्रेगन स्पेसक्राफ्ट है, जबकि रूस के पास सोयूज स्पेसक्राफ्ट है. इन दोनों ही अंतरिक्षयान में अंतरिक्ष में बचाव अभियान चलाने की ताकत है.
फिलहाल हम कुछ नहीं कर सकते
सोमनाथ ने कहा, 'अभी हम कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि हमारे पास ऐसा कोई अंतरिक्षयान नहीं है दो वहां जा सके और उन्हें बचा सके. यह संभव नहीं है. केवल रूस और अमेरिका ही ऐसा कर सकते हैं. अमेरिका के पास क्रू ड्रैगन व्हीलकल है जो वहां जा सकता है. रूस के पास सोयूज है. इनमें से कोई भी वहां जा सकता है और उन्हें बचा सकता है.'
इससे पहले योजना बनानी होगी
एस सोमनाथ ने कहा कि हो सकता है कि वे (अमेरिका) क्रू ड्रैगन के साथ जाए और उन्हें वापस लाए लेकिन यह सब यूं ही नहीं हो सकता. इसके लिए योजना बनानी होगी और फिर इसे शेड्यूल करना होगा. हो सकता है कि वे इसका इंतजार कर रहे हैं.