Badlapur Case: बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले के आरोपी अक्षय शिंदे की पुलिस द्वारा कथित जवाबी गोलीबारी में मौत के एक दिन बाद गोली चलाने वाले अधिकारी ने कहा कि उसने आत्मरक्षा में ऐसा किया था. इंस्पेक्टर ने आगे कहा कि नवी मुंबई की तलोजा जेल से ठाणे ले जाते समय अक्षय आक्रामक व्यवहार कर रहा था.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इंस्पेक्टर संजय शिंदे ने बताया मैं ड्राइवर के बगल में बैठा था जबकि आरोपी और सहायक पुलिस निरीक्षक (API) नीलेश मोरे सहित कई कांस्टेबल आरोपी के साथ पीछे बैठे थे. शिलफाटा रोड पर यात्रा के दौरान एपीआई मोरे ने मुझे बताया कि अक्षय आक्रामक हो गया था.
इंस्पेक्टर ने बताया कि अक्षय शिंदे ने अपने साथ आए पुलिसकर्मियों से पूछा आप मुझे फिर से क्यों ले जा रहे हैं? मैंने अब क्या कर दिया है? वह उन्हें गालियाँ दे रहा था और धमकी दे रहा था कि वह किसी को भी जिंदा नहीं छोड़ेगा. इंस्पेक्टर शिंदे ने आगे कहा कि उन्होंने गाड़ी रोकी और आरोपी को शांत करने की कोशिश की. हालांकि, उन्होंने बताया कि शाम 6:15 बजे मुंब्रा बाईपास पर स्थिति और बिगड़ गई.
इंस्पेक्टर ने बताया अक्षय शिंदे ने एपीआई मोरे की पिस्तौल पकड़ ली और संघर्ष के दौरान पिस्तौल चल गई, जिससे मोरे की जांघ में चोट लग गई. चोट लगने के कारण वह बेहोश हो गया. इंस्पेक्टर ने कहा कि इसके बाद अक्षय ने मुझ पर और दूसरे अधिकारियों पर दो और राउंड फायर किए लेकिन दोनों बार चूक गए. अपनी जान और अपने साथियों की सुरक्षा के डर से मैंने एक ही गोली चलाई और उसे बेहोश कर दिया.
अक्षय वैन के अंदर ही गिर गया और हमने फिर से नियंत्रण पा लिया. कुल मिलाकर मृतक आरोपी ने तीन गोलियां चलाईं एक गोली एएसआई को लगी और दो चूक गईं और चौथी और आखिरी गोली संजय शिंदे ने चलाई. अक्षय को अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. घटना की जांच कर रही फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और पुलिस टीमों ने कारतूस के खोल बरामद कर लिए हैं.