भारत ने इजरायल के हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त किया है. भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास की शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए. मिसरी ने यह हस्ताक्षर भारत सरकार की ओर से किया जिसमें भारत ने हाल की घटना पर ईरान के प्रति अपनी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की.
बता दें कि अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले में मौत हो गई थी. 86 वर्षीय खामेनेई 1989 से ईरान की सत्ता पर राज कर रहे थे.
Foreign Secretary Vikram Misri, on behalf of Government of India, signed the Condolence Book at the Embassy of Iran in New Delhi today, and offered condolences to the slain Supreme Leader of Iran Ayatollah Ali Khamenei.
— ANI (@ANI) March 5, 2026
(Pics Source: XPD Division, MEA) pic.twitter.com/IvDEjWgp3u
अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर की मौत का बदला लेने की कसम खाई थी और तब से लेकर ईरान अभी तक इजरायल और अमेरिका से दो-दो हाथ कर रहा है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह युद्ध लंबा चला तो ईरान को इसमें जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ेगा.
#WATCH | Foreign Secretary Vikram Misri, on behalf of Government of India, signed the Condolence Book at the Embassy of Iran in New Delhi today, and offered condolences to the slain Supreme Leader of Iran Ayatollah Ali Khamenei. pic.twitter.com/A3IP2d0diX
— ANI (@ANI) March 5, 2026
वहीं, इस युद्ध में ईरान में मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, अब तक ईरान में 1230 लोगों की मौत हो चुकी है. शनिवार से जारी हमलों में ईरान के कई शहरों में भीषण तबाही हुई है, इन हमलों में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं. राहत व बचाव कार्य में लगे लोग मलबों में दबे लोगों को तलाश रहे हैं.
इसी बीच ईरान के उप विदेश मंत्री ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका ईरान को एक स्वीकार्य प्रस्ताव देता है तो उनका देश अपने परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने पर विचार करेगा. सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बताया है कि ईरान इसके बदले सकारात्मक परिणाम चाहता है.