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मुश्किल हालात में भी 31 घंटे में बना दिया 120 फुट लंबा पुल, भारतीय सेना ने दिखाया क्यों है स्पेशल

Wayanad Landslide: केरल के वायनाड में लैंडस्लाइड की वजह से अब तक 313 लोगों की जान जा चुकी है. रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए भारतीय सेना के जवानों ने मात्र 31 घंटे में 120 फुट लंबा बेली ब्रिज बनाया. इतने कम समय में पुल बनाकर भारतीय सेना ने बताने का काम किया है कि आखिर वह क्यों इतनी स्पेशल है.

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India Daily Live

Wayanad Landslide: केरल के वायनाड में आई भीषण आपदा में सैकड़ों लोगों की जान चली गई. 29-30 जुलाई की रात 2 बजे से 4 बजे के बीच लैंडस्लाइड की 4 घटनाओं में अब तक 313 लोगों की जान जा चुकी है. चौथे दिन 4 शवों को बरामद किया गया है. इन सबके बीच रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए भारतीय सेना के जवानों ने अपने हुनर का प्रदर्शन करते हुए ये बता दिया कि भारतीय सेना आखिर क्यों स्पेशल है.

वायनाड में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान को तेज करने के प्रयास में, भारतीय सेना के जवानों ने 31 घंटे के भीतर 120 फुट लंबा बेली ब्रिज बनाकर दुनिया को अपनी ताकत दिखाई है. सेना द्वारा बनाया गया यह पुल सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों मुंडक्कई और चूरलमाला को जोड़ेगा.

31 जुलाई की शाम शुरू किया काम, अगले दिन रेडी हो गया पुल

इंडियन आर्मी के जवानों ने 31 जुलाई की शाम को इस पुल को बनाने का काम शुरू किया था और 1 अगस्त तक इसे पूरा कर दिया. इस पुल पर एम्बुलेंस और फिर एक सैन्य ट्रक चलाकर इसकी परीक्षण किया गया.

भारतीय सेना की साउर्थन कमांड ने एक्स पर लिखा- "खराब मौसम, जल स्तर में वृद्धि, मलबा, सीमित स्थान कई लोगों के लिए बचाव कार्य को कठिन बना रहे हैं, लेकिन भारतीय सेना के लिए ऐसा नहीं है. मद्रास सैपर्स ने अदम्य साहस, कभी हार न मानने का जज्बा और राहत कार्यों में सर्वोच्च प्रतिबद्धता दिखाते हुए रिकॉर्ड समय में 190 फीट बेली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा किया. इस पुल से बचाव कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है."

आर्मी के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल वीटी मैथ्यू ने बताया कि मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांवों में रेस्क्यू ऑपरेशन कंप्लीट  हो चुका. अब केवल मृतकों के डेड बॉडी की तलाश की जा रही है. मौसम विभाग ने 2 अगस्त को वायनाड में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है.

अमेरिकी ने दुर्घटना पर प्रकट किया दुख

इस घटना पर अमेरिका ने दुख प्रकट करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन की तारीफ की है. अमेरिकी प्रशासन की ओर से कहा गया कि इस दुख की घड़ी में वह भारत के साथ है.

1 अगस्त को लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वायनाड पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की थी. राहुल ने इस घटना पर कहा था कि इस दुर्घटना को देखना बहुत ही कठिन है. बहुत से लोगों ने अपने परिवार को खो दिया है. आज मुझे वैसा ही महसूस हो रहा है जैसे मुझे पिता जी के मृत्यु पर हुआ था.