एक्सिडेंट में ब्रेन-डेड हुआ किसान, परिवार वालों ने किया अंग दान; सात लोगों को मिला नया जीवन
गुजरात के खेड़ा जिले में एक किसान की एक्सिडेंट में मौत हो गई. जिसके बाद उनके परिवार वालों ने उनका अंगदान करने का फैसला लिया. उनके इस फैसले से 7 परिवारों को नई जिंदगी मिली.
गुजरात के खेड़ा जिले में ऑर्गन डोनेशन का एक बड़ा मामला सामने आया है. गुजरात के खेड़ा जिले में एक किसान ने मानवता की ज्योति जलाकर सात जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी का तोहफा दिया. डॉक्टरों द्वारा उन्हें ब्रेन-डेड घोषित किए जाने के बाद उनके परिवार ने अंग दान की सहमति दी, जिससे कई परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई.
मनुभाई परमार पेशे से किसान थे. 12 अप्रैल को सड़क दुर्घटना में उन्हें सिर पर गंभीर चोट लगी. उन्हें तुरंत अहमदाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने लगातार प्रयास किए. लेकिन सभी प्रयास नाकाम रहे और उन्हें ब्रेन-डेड घोषित कर दिया गया.
सात परिवार वालों को मिला नया जीवन
परिवार के लिए यह क्षण बेहद दुखद था. पत्नी अरखाबेन और अन्य सदस्य गहरे शोक में डूबे हुए थे. ठीक इसी समय अस्पताल के अधिकारियों ने उनसे अंग दान की संभावना पर चर्चा की. परिवार ने थोड़ा समय लेकर गहन विचार-विमर्श किया और अंत में एक बड़ा, नेक फैसला लिया. परिवार की सहमति के बाद मनुभाई के दिल, लीवर, दोनों किडनी, आंखें और त्वचा दान की गई. इन अंगों से कुल सात मरीजों को जीवन दान मिल गया.
लीवर और किडनी को अहमदाबाद सिविल अस्पताल परिसर में स्थित किडनी अस्पताल के मरीजों को प्रत्यारोपित किया गया. दिल को CIMS अस्पताल भेजा गया, जहां प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी हुई. आंखें M&J नेत्र अस्पताल को दान की गईं, जिससे कम से कम दो लोगों की रोशनी वापस लौट सकती है और त्वचा को सिविल अस्पताल के स्किन बैंक में सुरक्षित रखा गया, जो आगे जलने के मामलों में काम आएगी.
भारत में तेजी से बढ़ रहा अंगदान
अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने परिवार के इस फैसले की खुलकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि मनुभाई एक साधारण किसान थे, लेकिन उनके परिवार ने जो मानवीय संवेदना दिखाई, वह सराहनीय है. एक व्यक्ति की त्रासदी को उन्होंने सात लोगों के लिए आशा में बदल दिया. परिवार के सदस्यों ने बताया कि मनुभाई हमेशा दूसरों की मदद करने वाले इंसान थे. उनका अंतिम फैसला उनके चरित्र को प्रतिबिंबित करता है. अरखाबेन और पूरे परिवार ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके पति/पिता के अंगों से इतने लोग जिंदा रहेंगे.