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India Daily

कैब के नए नियम लागू, यात्री ड्राइवर्स को दे सकते हैं टिप, जेंडर चॉइस की सवारी चुनने का भी विकल्प उपलब्ध

केंद्र सरकार ने कैब सेवाओं से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं. धारा 14 और 15 में संशोधन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा 15 दिसंबर, 2025 में संशोधन अधिसूचित किए हैं. ये नियम ओला, उबर और अन्य डिजिटल कैब एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर लागू होंगे.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
कैब के नए नियम लागू, यात्री ड्राइवर्स को दे सकते हैं टिप, जेंडर चॉइस की सवारी चुनने का भी विकल्प उपलब्ध
Courtesy: @IdeasInOrbit0 X account

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कैब सेवाओं से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं. धारा 14 और 15 में संशोधन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा 15 दिसंबर, 2025 में संशोधन अधिसूचित किए हैं. ये नियम ओला, उबर और अन्य डिजिटल कैब एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर लागू होंगे. इनका मकसद यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को बढ़ाना है. इस नए दिशानिर्देश के जरिए यात्रियों का सफल और भी सरल और सुविधाजनक बनेगा. 

अब राइड के बाद ड्राइवर को दे सकेंगे टिप

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नए  दिशा निर्देश के तहत अब यात्री कैब ड्राइवर को अपनी स्वेच्छा से टिप दे सकेंगे, लेकिन यह सुविधा केवल यात्रा पूरी होने के बाद ही दिखाई जाएगी. बुकिंग के समय, राइड शुरू होने से पहले या यात्रा के दौरान टिप देने का कोई विकल्प नहीं होगा, ताकि यात्रियों पर किसी तरह का दबाव न बने. 

जानिए क्या है दिशानिर्देशों में

  • टिप की पूरी रकम सीधे ड्राइवर को मिलेगी.
  • कैब कंपनी इसमें से कोई कमीशन नहीं काट सकेगी.
  • टिप देने की व्यवस्था भ्रामक नहीं होनी चाहिए और उपभोक्ता संरक्षण कानून का उल्लंघन नहीं करेगी.

समान लिंग के ड्राइवर चुनने का विकल्प उपलब्ध

यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस नए दिशानिर्देश में एक और महत्वपूर्ण सुविधा जोड़ी गई है. अब यात्री, समान लिंग के ड्राइवर का चुनाव कर सकते हैं. खासतौर पर महिला यात्रियों को महिला ड्राइवर चुनने का विकल्प मिलेगा, जिससे उन्हें सफर के दौरान अधिक सुरक्षित और सहज महसूस हो सके. 

किराए को लेकर तय की गई सीमा

सरकार ने 1 जुलाई को अधिसूचित व्यापक मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश, 2025, सख्त सीमाओं के अंदर किराया तय करने को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए हैं. नए दिशानिर्देशों के अनुसार किराया राज्य सरकार द्वारा तय बेस फेयर से 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है. ज्यादा भीड़ या व्यस्त समय में सर्ज प्राइसिंग अधिकतम मूल किराए के दो गुना तक ही सीमित रहेगी.

रूट और सुरक्षा पर कड़ी निगरानी

ड्राइवरों के लिए ऐप में दिखाए गए नेविगेशन रूट का पालन करना अनिवार्य होगा. अगर ड्राइवर रास्ते से भटकेगा, तो एग्रीगेटर के कंट्रोल रूम को अपने आप सूचना मिल जाएगी. इसके बाद कंट्रोल रूम को तुरंत ड्राइवर और यात्री दोनों से संपर्क करना होगा.

राइड रद्द करने पर जुर्माना

नए नियमों में राइड कैंसिल करने पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है. बिना सही कारण राइड रद्द करने वाले ड्राइवर से किराए का 10 प्रतिशत (अधिकतम 100 रुपये) जुर्माना लिया जा सकता है. बिना उचित कारण बुकिंग रद्द करने वाले यात्रियों से भी इतना ही शुल्क लिया जाएगा. उन्हें भी इसका हरजाना भरना पड़ेगा. यह राशि ड्राइवर और एग्रीगेटर कंपनी के बीच बांटी जाएगी.

लाइसेंस निलंबन का अधिकार

अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि अगर जांच में गंभीर उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित प्राधिकरण शिकायत या स्वतः संज्ञान के आधार पर, लिखित कारण दर्ज करते हुए, कैब एग्रीगेटर का लाइसेंस निलंबित कर सकता है.