Election Commission of India: भारत निर्वाचन आयोग (ECE) ने मतदाता सूची की सटीकता बढ़ाने और मतदाताओं की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं. इनमें मृत मतदाताओं के नाम अपनेआप हटाने, मतदाता सूचना पर्चियों (वीआईएस) को यूजर फ्रेंडली बनाने और बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) के लिए मानक पहचान पत्र जारी करने जैसे उपाय शामिल हैं.
मतदाता सूची में त्रुटियों को कम करने के लिए, ECE ने भारत के महापंजीयक से मृत्यु पंजीकरण डेटा को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त करने की व्यवस्था शुरू की है. “मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 9 और संशोधित जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 की धारा 3(5)(बी)” के तहत यह कदम निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को मतदाता सूचियों को तुरंत अपडेट करने में सक्षम बनाएगा. बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) अब फॉर्म 7 की इन्तजार किए बिना, क्षेत्रीय दौरों के माध्यम से मृत्यु रिकॉर्ड सत्यापित कर सकेंगे.
The Election Commission of India has launched new initiatives to enhance the accuracy of electoral rolls and simplify the voting process for citizens pic.twitter.com/n7hPc08Up0
— IANS (@ians_india) May 1, 2025
यूजर फ्रेंडली वोटिंग लिस्ट
ECE ने मतदाता सूचना पर्चियों (वीआईएस) को और आसान बनाने का फैसला किया है. नई डिज़ाइन में सीरियल नंबर और पार्ट नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी को बड़े फ़ॉन्ट में प्रदर्शित किया जाएगा. इससे मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने और अधिकारियों को मतदाता सूची में नाम खोजने में आसानी होगी. यह कदम खासकर बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे मतदाताओं के लिए लाभकारी होगा, जो अक्सर छोटे फ़ॉन्ट के कारण परेशानी का सामना करते हैं.
BLO के लिए मानक पहचान पत्र
मतदाता पंजीकरण अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए, ईसीआई ने सभी BLO को आधिकारिक फोटो पहचान पत्र जारी करने का निर्देश दिया हैं. “जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13बी(2)” के तहत नियुक्त BLO मतदाताओं के साथ संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. नए पहचान पत्र से घर-घर जाकर उनकी पहचान आसान होगी, जिससे मतदाताओं में विश्वास बढ़ेगा और पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी.
मुख्य चुनाव आयुक्त का दृष्टिकोण
ये सुधार मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा मार्च में आयोजित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) के सम्मेलन में प्रस्तुत दृष्टिकोण का हिस्सा है. इस सम्मेलन में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने भी हिस्सा लिया. बैठक में प्रौद्योगिकी और सक्रिय उपायों के उपयोग पर जोर दिया गया, ताकि देश भर में चुनावी प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके.