दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए धमाके की गूंज पूरे देश में सुनाई दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी भूटान यात्रा से वापस आने के बाद घायल लोगों से मुलाकात करने पहुंचे. उन्होंने वादा किया कि आरोपियों को किसी भी हाल में आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा. वादे को पूरा करते हुए आरोपी डॉ. उमर नबी के कश्मीर स्थित घर को ध्वस्त कर दिया गया.
हमले की जांच में पता चला कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला डॉक्टर उमर नबी उस कार को चला रहा था, जिसमें विस्फोट किया गया. इस बात की पुष्टि के लिए गाड़ी से पाए गए टुकड़े और उमर नबी की मां के डीएनए को मैच कराया गया था. अधिकारियों का कहना है कि आतंकी तत्वों को सबक सिखाने के लिए ये एक्शन बेहद जरूरी थी.
लाल किला के पास हुए विस्फोट के बाद से जांच एजेंसियां लगातार जांच में जुटी है. अब तक इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच एजेंसियों के साथ तीन राज्यों की पुलिस भी अपनी ओर से नजर रखी है. इसी क्रम में फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का भी पर्दाफाश हुआ, जिसमें कई लोग संलिप्त थे. मॉड्यूल का पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से लिंक था.
मामले की जांच के दौरान फरीदाबाद से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किए गए, इसके अलावा कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. इन लोगों से पूछताछ में पता चला कि 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ पर बड़े हमले की तैयारी थी, हालांकि फरीदाबाद में विस्फोटक पकड़े जाने के बाद जल्दबाजी में विस्फोट कर दिया गया.
#WATCH | | Delhi terror blast case: The residence of Dr Umar Un Nabi, accused in the Red Fort blast, has been demolished in Pulwama, Jammu and Kashmir. pic.twitter.com/gqvm7iwPBe
— ANI (@ANI) November 14, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना के बाद अपने घऱ पर बैठक बुलाई. इस दौरान पीड़ितों के लिए दो मिनट का मौन रखा गया. साथ घायलों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की गई. कैबिनेट ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहें. सभी ने दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की कसम खाई.
इस मामले में हर एक एंगल की जांच काफी बारीकी से की जा रही है. आरोपियों से जुड़े हर एक चीज की पड़ताल की जा रही है. घर से लेकर उस विश्वविद्यालय तक पर नजर हैं, जहां ये पढ़ाते थे. फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय की जांच की जा रही है और यहां से कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा वित्तीय लेने देने की भी जा की जा रही है. पीड़ितों के परिवार वालों ने सख्त एक्शन की मांग की है.