नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली कार विस्फोट के जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी. उन्होंने कहा कि इस मामले का नतीजा पूरी दुनिया को यह संदेश देगा कि भारत में आतंक फैलाने की हिम्मत कोई नहीं कर सकता.
गुजरात में मोती भाई चौधरी सागर सैनिक स्कूल के उद्घाटन समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट में मारे गए निर्दोष लोगों के परिवारों के प्रति वह गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुए आतंकी हमले के दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी, जिससे पूरी दुनिया देखेगी कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कितना सख्त है. हमारे देश में इस तरह की घटना के बारे में सोचने की भी किसी में हिम्मत नहीं होनी चाहिए.
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संकल्प है कि इस आतंकी घटना में शामिल हर व्यक्ति को सजा दिलाई जाएगी और यह वादा पूरा होकर रहेगा.
अमित शाह की यह टिप्पणी उस वक्त आई जब प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस हमले की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया. केंद्र सरकार ने 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए इस धमाके को औपचारिक रूप से एक आतंकी हमला करार दिया और जांच एजेंसियों को आदेश दिया कि वे पूरी तत्परता और पेशेवर तरीके से जांच पूरी करें ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जा सके. सरकार ने अपने बयान में इस घटना को कायरतापूर्ण और जघन्य अपराध बताया, जिसमें निर्दोष लोगों की जान गई.
इधर, दिल्ली पुलिस ने जांच में बड़ी सफलता हासिल की है. बुधवार शाम फरीदाबाद के खंडावली गांव से पुलिस ने संदिग्ध उमर उन नबी से जुड़ी एक लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार बरामद की है. माना जा रहा है कि इस वाहन का इस्तेमाल विस्फोट में शामिल लोगों के सहयोगियों ने किया था. इससे पहले एक हुंडई i20 कार में विस्फोटक पाए गए थे.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अब इस मामले की जांच अपने हाथों में ले ली है और शुरुआती जांच में आतंकी साजिश के संकेत मिलने के बाद एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है.
अधिकारियों के अनुसार, उमर उन नबी ने कथित तौर पर लाल किले के पास विस्फोटक से भरी कार चलाई थी और उसकी योजना 6 दिसंबर, यानी बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर एक बड़े आतंकी हमले की थी. अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनसे पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियाँ सामने आई हैं.