BrahMos Missile Operation Sindoor: भारत और रूस की साझेदारी से विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने अपनी शक्ति और क्षमता का प्रदर्शन किया है, जिससे इसकी मारक क्षमता और तकनीकी श्रेष्ठता साबित हुई है. हाल ही में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' में इस मिसाइल ने पाकिस्तान के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाई. 9-10 मई 2025 को हुए इस जवाबी हमले में ब्रह्मोस ने 11 पाकिस्तानी हवाई अड्डों को चंद सेकंडों में तबाह कर दिया. इसकी 5 अहम खूबियों ने इसे भारत का 'ब्रह्मास्त्र' बना दिया है.
ब्रह्मोस मिसाइल ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना अधिक यानी मैक 3 की गति से उड़ान भरती है, जो इसकी एक प्रमुख विशेषता है. इसकी गति 900 मीटर/सेकंड होती है, जिससे दुश्मन के पास प्रतिक्रिया का समय नहीं रहता. 'ऑपरेशन सिंदूर में इसने 10 सेकंड से भी कम समय में कई ठिकानों को खत्म कर दिया,' रक्षा सूत्रों ने बताया.
पहले जहां ब्रह्मोस की रेंज 290 किमी थी, अब वह 800 किमी तक बढ़ा दी गई है. इसका मतलब है कि भारत अपनी सीमा से ही दुश्मन के भीतरी इलाकों को निशाना बना सकता है. इस ऑपरेशन में बिना सीमा पार किए, मिसाइलों ने रावलपिंडी, भोलारी, सरगोधा जैसे अहम ठिकानों को ध्वस्त किया.
ब्रह्मोस की सटीकता इसकी सबसे बड़ी ताकत है. यह 1 मीटर की सर्कुलर एरर प्रोबेबिलिटी (CEP) के साथ लक्ष्य को हिट करती है. इस सटीकता ने पाकिस्तान के रडार, कमांड सेंटर और रनवे को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जैसे सियालकोट और पासरुर की साइट्स.
ब्रह्मोस मिसाइल बेहद कम ऊंचाई (3 से 10 मीटर) पर उड़ान भरने में सक्षम है, जिससे यह दुश्मन के रडार की पकड़ से बच जाती है. पाकिस्तान के HQ-9 जैसे आधुनिक डिफेंस सिस्टम भी इसे रोकने में नाकाम रहे.
ब्रह्मोस को लॉन्च करने के बाद किसी गाइडेंस की आवश्यकता नहीं होती. इसमें इनर्शियल, सैटेलाइट और रडार गाइडेंस सिस्टम लगे हैं, जो इसे इलेक्ट्रॉनिक जामिंग से सुरक्षित रखते हैं. 'इसने एक साथ कई टारगेट्स को तबाह किया,' सेना के एक अधिकारी ने बताया.