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दोस्ती इतनी गहरी कि मौत की तारीख भी हो गई एक, बॉलीवुड का गजब इत्तेफाक; नहीं कर पाएंगे यकीन

दोस्ती, किस्मत और जिंदगी का ऐसा इत्तेफाक जिसे जानकर हर कोई हैरान रह जाए. बॉलीवुड के दो सुपरस्टार्स की कहानी जो दोस्ती में भी साथ रहे और किस्मत ने उन्हें एक ही तारीख पर हमेशा के लिए जोड़ दिया.

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Babli Rautela

कभी-कभी जिंदगी ऐसे संयोग लिखती है जिन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है. सोचिए, दो दोस्त जिनकी दोस्ती पर्दे पर भी चमकी और असल जिंदगी में भी उतनी ही मजबूत रही. यह कहानी सिर्फ दो सितारों की नहीं है, बल्कि दोस्ती, किस्मत और इत्तेफाक की ऐसी मिसाल है जो बॉलीवुड के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी.

आज हम बात कर रहें हैं बॉलीवुड के दो धुरंधर सुपरस्टार विनोद खन्ना और फिरोज खान की. दोनों सितारों की जिंदगी में एक ऐसा संयोग है जिसे जानकर हर कोई चौंक जाता है. दोनों ही कलाकारों ने 27 अप्रैल को इस दुनिया को अलविदा कहा. फर्क सिर्फ साल का था. फिरोज खान ने साल 2009 में अंतिम सांस ली, जबकि विनोद खन्ना का निधन साल 2017 में हुआ. लेकिन तारीख एक ही रही. यह महज संयोग नहीं बल्कि एक ऐसी कहानी है जो उनकी दोस्ती को और खास बना देती है.

रील लाइफ से रियल लाइफ तक जिगरी दोस्त

दयावान में दोनों को जिगरी दोस्त के रूप में देखा गया था. लेकिन यह सिर्फ फिल्म की कहानी नहीं थी. असल जिंदगी में भी दोनों के बीच गहरा रिश्ता था. दोनों की दोस्ती साल 1979 के आसपास शुरू हुई और धीरे-धीरे इतनी मजबूत हो गई कि इंडस्ट्री में उनकी दोस्ती मिसाल बन गई. एक-दूसरे के लिए हमेशा खड़े रहने वाले ये सितारे हर मुश्किल में साथ नजर आए.

किस्मत का खेल यहीं खत्म नहीं हुआ. दोनों की मौत का कारण भी लगभग एक जैसा था. कैंसर ने दोनों को हमसे छीन लिया. विनोद खन्ना को ब्लैडर कैंसर था, जबकि फिरोज खान फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे थे. यह संयोग इस कहानी को और भी भावुक बना देता है. मानो जिंदगी के हर मोड़ पर दोनों की राहें एक जैसी रही हों.

तलाक का साल भी रहा एक जैसा

दोनों की जिंदगी में एक और हैरान करने वाला इत्तेफाक जुड़ा हुआ है. फिरोज खान ने अपनी पत्नी सुंदरी से साल 1985 में अलगाव लिया था. वहीं उसी साल विनोद खन्ना और गीतांजली का रिश्ता भी खत्म हुआ था. यह समानता बताती है कि दोनों की जिंदगी के कई अहम मोड़ भी एक ही समय पर आए.

शंकर शंभू में दोनों ने साथ काम किया और दर्शकों ने उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया. इसके बाद कुर्बानी ने तो मानो इतिहास ही रच दिया. इस फिल्म ने दोनों को सुपरस्टार बना दिया और उनकी दोस्ती को और मजबूत कर दिया. लेकिन जिंदगी हमेशा एक जैसी नहीं रहती. एक समय ऐसा भी आया जब दोनों के रास्ते अलग हो गए.