T20 World Cup 2026

सुसाइड क्यों करने वाले थे विक्की कौशल के पापा? अब विक्की ने ही बताई पूरी कहानी

कि शाम कौशल को 1990 में एक्शन डायरेक्टर के तौर पर बड़ा ब्रेक मिला लेकिन इससे पहले वह कई सालों तक स्टंटमैन के तौर पर काम करते रहे. वह पिछले 4 दशकों से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं. बॉलीवुड के अलावा उन्होंने हॉलीवुड की फिल्मों में भी अपना योगदान दिया है. बतौर एक्शन डायरेक्टर उनकी पहली फिल्म इंद्रजालम (1990) थी जो एक मलयालम फिल्म थी.

social media
India Daily Live

Bollywood News: विक्की कौशल इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'बैड न्यूज' के प्रमोशन के प्रमोशन में व्यस्त हैं. आज विक्की कौशल बॉलीवुड के  जाने-पहचाने चेहरे बन चुके हैं. बैड न्यूज के प्रमोशन के दौरान विक्की ने अपने पापा शाम कौशल के स्ट्रगल के दिनों को याद किया. एक्शन डायरेक्टर विक्की कौशल को अपनी युवा अवस्था में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. विक्की बताते हैं कि पिता की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि वो आत्महत्या करने के बारे में सोचने लगे थे.

राज शमानी को दिए इंटरव्यू में विक्की ने बताया कि पंजाब में मेरे दादा की एक छोटी सी किराने की दुकान थी, इसके अलावा हमारी गांव में कोई जमीन नहीं थी. उन्होंने कहा, 'मेरे पिता अंग्रेजी साहित्य से एमए थे लेकिन इसके बाद भी वह बेरोजगार थे. एक दिन वह अपने दोस्तों के साथ शराब पी रहे थे. शराब पीने के बाद उन्होंने कहा कि वो मरना चाहते हैं. इससे मेरे दादा परेशान हो गए और उन्होंने एक दोस्त के साथ उन्हें  मुंबई भेज दिया.'

इन फिल्मों में भी निभाई एक्शन डायरेक्टर की भूमिका
शाम कौशल ने 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' (2012), 'भाग मिल्खा भाग' (2013), 'पीके' (2014), 'पद्मावत' (2018), 'संजू' (2018), 'टाइगर जिंदा है' (2017), और 'सिम्बा' (2018) जैसी फिल्मों में एक्शन डायरेक्टर के तौर पर काम किया है. अकेडमी अवॉर्ड विनिंग फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' (2008) में भी उन्होंने एक्शन डायरेक्टर के तौर पर काम किया था.