मुंबई: एक समय था जब ममता कुलकर्णी की एक झलक पर सिनेमाघरों में सीटियां बजती थीं. फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि वही स्टार रातों रात देश छोड़कर चली गई. क्या यह सिर्फ विवाद था या इसके पीछे कोई गहरी कहानी छुपी थी. बता दें की ममता कुलकर्णी ने 1992 में बॉलीवुड में कदम रखा और बहुत कम समय में इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना ली है. उनकी खूबसूरती और बोल्ड अंदाज ने उन्हें बाकी एक्ट्रेस से अलग कर दिया.
उन्होंने सलमान खान, शाहरुख खान और अक्षय कुमार जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया. करण अर्जुन, सबसे बड़ा खिलाड़ी और बाजी जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टार बना दिया. उस दौर में उनका नाम सफलता की गारंटी माना जाता था.
ममता कुलकर्णी का एक बोल्ड फोटोशूट इतना वायरल हुआ कि पूरे देश में हंगामा मच गया. उस समय इस तरह का बोल्ड कंटेंट बहुत कम देखने को मिलता था, इसलिए यह मामला विवाद बन गया. इस फोटोशूट के बाद उन्हें खूब लोकप्रियता मिली, लेकिन साथ ही ट्रोलिंग का सामना भा करना पड़ा था जब उनके करियर की दिशा धीरे धीरे बदलने लगी.
जैसे जैसे समय बीता, ममता का बेबाक अंदाज और इंडस्ट्री की राजनीति उनके खिलाफ जाने लगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स से दूर किया जाने लगा. फिल्में कम होने लगीं और उनके निजी जीवन को लेकर अफवाहें फैलने लगीं. खासकर उनका नाम विक्की गोस्वामी के साथ जोड़ा गया. कहा गया कि दोनों के बीच रिश्ता है और यही बातें उनके करियर पर भारी पड़ गईं.
2000 और 2010 के दशक में ममता कुलकर्णी का नाम एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट में सामने आया. रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह नेटवर्क दाऊद इब्राहिम से जुड़ा हुआ था. हालांकि ममता ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया और खुद को निर्दोष बताया. लेकिन इन खबरों ने उनकी छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया और बॉलीवुड में उनकी वापसी लगभग असंभव हो गई.
विवाद बढ़ते गए और ममता ने धीरे धीरे बॉलीवुड से दूरी बना ली. फिर एक समय ऐसा आया जब वह अचानक भारत छोड़कर विदेश चली गईं. बताया जाता है कि उन्होंने दुबई, दक्षिण अफ्रीका और केन्या में समय बिताया. उन्होंने पूरी तरह से गुमनाम जिंदगी जीना शुरू कर दिया. यह बदलाव इतना अचानक था कि फैंस भी हैरान रह गए.
ममता कुलकर्णी ने बाद में खुलासा किया कि उनकी जिंदगी में एक आध्यात्मिक गुरु आए थे, जिनसे प्रेरित होकर उन्होंने ध्यान और साधना का रास्ता अपनाया. उन्होंने कहा कि वह पिछले कई सालों से एक साध्वी की तरह जीवन जी रही हैं. 2024 के आखिर में वह करीब 25 साल बाद भारत लौटीं और महाकुंभ 2025 में हिस्सा लिया. यहां उन्होंने संन्यास लिया और एक नई आध्यात्मिक पहचान अपनाई. ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़े में शामिल होकर एक नई शुरुआत की. उन्हें महामंडलेश्वर का पद भी दिया गया. लेकिन यह सफर ज्यादा लंबा नहीं चला. उनके पुराने विवादों को देखते हुए अखाड़े ने उन्हें पद से हटाने का फैसला लिया.