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'हीरो तय करते हैं कि उन्हें किसके साथ काम करना है, हम नहीं', टॉप एक्ट्रेस ने बयां की बॉलीवुड की कड़वी सच्चाई

कभी बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस में शुमार रहीं मनीषा कोइराला ने बॉलीवुड की मेल डॉमिनेटेड सोसाइटी के बारे में बात रखी. मनीषा कोइराला ने बताया कि बॉलीवुड के तमाम फैसलों में महिलाओं का कोई हाथ नहीं होता वहां जो भी फैसला होता है वह पुरुष ही लेते हैं.

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'हीरो तय करते हैं कि उन्हें किसके साथ काम करना है, हम नहीं', टॉप एक्ट्रेस ने बयां की बॉलीवुड की कड़वी सच्चाई
Courtesy: social media

Bollywood News: शाहरुख खान और मनीषा कोइराला की फिल्म दिल से को आज पूरे 26 साल हो गए. 1998 में मणि रत्नम द्वारा निर्देशक यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई थी. जनता ने शाहरुख और मनीषा की जोड़ी को खूब पसंद किया था. फिल्म के हिट होने के बावजूद मनीषा और शाहरुख ने फिर किसी फिल्म में एक साथ काम क्यों नहीं किया? इसको लेकर मनीषा ने खुलासा किया है.

हाल ही में संजय लीला भंसाली की हीरामंडी में दिखाई दीं मनीषा कोइराला ने दिल से को लेकर कहा कि उन्होंने गुड्डू नाम की फिल्म में एक-दूसरे के साथ काम किया था लेकिन फिल्म को ज्यादा तबज्जो नहीं मिली.

हीरो तय करते हैं किसके साथ काम करना है

मनीषा ने कहा कि हमारी इंडस्ट्री में हीरो तय करते हैं कि उन्हें किसके साथ काम करना है हीरोइंस नहीं.  मनीषा का इशारा शाहरुख खान के चुनाव को लेकर था. मनीषा ये कहना चाहती थी कि इसके पीछे शाहरुख खान का फैसला रहा होगा उनकी नहीं.

ये किरदार दिल के सबसे करीब

मनीषा ने कहा कि मणि रत्नम की दिल से, बॉम्बे औ संजय लीला भंसाली की खामोशी और हीरामंडी में उनके किरदार उनके सबसे अच्छे किरदारों में से एक हैं.

एक शानदार लव स्टोरी होने के बावजूद दिल से फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली थी. इस पर डॉयरेक्टर मणि रत्नम ने अपनी कमजोर हिंदी को जिम्मेदार ठहराया था. मणि रत्नम ने कहा था कि सेट पर हीरो को हिंदी में सीन समझाने के लिए उन्हें और लोगों पर निर्भर रहना पड़ता था क्योंकि उन्हें हिंदी नहीं आती थी.


 

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