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Daadi Ki Shaadi Review: Gen -Z की 'बागबान' है नीतू कपूर-कपिल शर्मा की 'दादी की शादी', थिएटर जाने से पहले पढ़े लें फिल्म का रिव्यू

कपिल शर्मा और नीतू कपूर की मोस्टअवेटेड फिल्म दादी की शादी दर्शकों को बांधने में नाकाम साबित हुई है. फिल्म की कहानी दिलचस्प होने के बावजूद कमजोर स्क्रीनप्ले, फीके डायलॉग और लंबा रनटाइम ने इसे बोरिंग बना दिया है.

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Edited By: Babli Rautela
Daadi Ki Shaadi Review: Gen -Z की 'बागबान' है नीतू कपूर-कपिल शर्मा की 'दादी की शादी', थिएटर जाने से पहले पढ़े लें फिल्म का रिव्यू
Courtesy: IMDb

दादी की शादी आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, लेकिन फिल्म दर्शकों को कुछ खास पसंद नहीं आई है. कपिल शर्मा, नीतू कपूर, रिद्धिमा कपूर साहनी और सादिया खतीब जैसे कलाकारों से भरी यह फिल्म एक कॉमेडी ड्रामा है, लेकिन कमजोर स्टोरी और फीके डायरेक्शन की वजह से फिल्म दर्शकों पर अपना असर छोड़ने में नाकाम रहती है. बता दें की फिल्म को आशिश आर मोहन न डायरेक्ट किया है. कहानी में नया विचार नजर तो आ रहा है, लेकिन उसे पर्दे पर रोचक तरीके से पेश नहीं किया गया.

क्या है फिल्म दादी की शादी की कहानी?

फिल्म की कहानी टोनी नाम के युवक पर आधारित है, जिसका किरदार कपिल शर्मा ने निभाया है. टोनी अपनी मंगेतर कन्नू से सगाई करने वाला होता है लेकिन उसी दिन पता चलता है कि कन्नू की दादी विमला 70 साल की उम्र में शादी करने जा रही हैं.

यह सुनते ही टोनी का परिवार सगाई तोड़ देता है. इसके बाद कहानी शिमला पहुंचती है जहां दादी की शादी के पीछे छिपे राज को धीरे धीरे सामने लाया जाता है. कहानी सुनने में दिलचस्प लगती है लेकिन स्क्रीन पर उतनी ही बोरिंग दिखाई दी है.

दर्शकों को नहीं बांध पाया फिल्म का पहला हाफ

फिल्म का पहला हाफ काफी बोरिंग महसूस होता है. कई सीन जरूरत से ज्यादा लंबे हैं और कहानी आगे बढ़ने में समय लेती है. दूसरे हाफ में कुछ भावुक और हल्के अच्छे पल दिखाई तो दिए हैं लेकिन तब तक फिल्म अपनी पकड़ खो चुकी होती है. 150 मिनट का रनटाइम भी फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरियों में से एक है. देखा जाए तो कई सीन को आसानी से छोटा किया जा सकता था. डायलॉग्स में वह असर नहीं है जिसकी उम्मीद कपिल शर्मा से की जाती है. कॉमेडी सीन भी कई जगह फीके हैं और इमोशनल पल दिल को छू नहीं पाते.

एक्टिंग में किसने मारी बाजी

बॉलीवुड की चर्चित एक्ट्रेसेस में से एक नीतू सिंह ने फिल्म में बैलेंस काम किया हैं. वह स्क्रीन पर बेहद खूबसूरत लगती हैं और अपने किरदार में गरिमा बनाए रखती हैं. हालांकि फिल्म उन्हें ज्यादा दमदार मौके नहीं देती. इसके अलावा कपिल शर्मा हल्के फुल्के सीन में अच्छे लगते हैं लेकिन फिल्म का कमजोर लेखन उनकी कॉमिक टाइमिंग का पूरा फायदा नहीं उठा पाता.

सबसे ज्यादा चर्चा फिल्म में रिद्धिमा कपूर के डेब्यू की हो रही थी. वह स्क्रीन पर आत्मविश्वासी और स्टाइलिश जरूर लगती हैं लेकिन एक्टिंग के मामले में अभी भी वह कच्ची दिखाई दी. उनके एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी कई जगह कमजोर नजर आते हैं. इसके अलावा फिल्म में साउथ एक्टर आर. सरथकुमार अपने छोटे लेकिन असरदार रोल में ध्यान खींचते हैं. वहीं निखत खान भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में सफल रहती हैं.

फिल्म को कितनी रेटिंग

अगर आप सिर्फ हल्की फैमिली ड्रामा फिल्म देखने का मन बना रहे हैं और कलाकारों के फैन हैं तो एक बार यह फिल्म देख सकते हैं. लेकिन अगर आप दमदार कॉमेडी, मजबूत कहानी और यादगार इमोशन की उम्मीद कर रहे हैं तो ये फिल्म आपको निराश कर सकती है. कुल मिलाकर इंडिया डेली इस फिल्म 2.5 रेटिंग देता है.