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कॉलेज छोड़ा तो मिलेगी पूरी फीस वापस, यूजीसी की नई गाइडलाइन से छात्रों को मिली बड़ी राहत

यूजीसी की नई गाइडलाइन से छात्रों को बड़ी राहत मिली है. जी हां अगर अब छात्रों ने कॉलेज छोड़ा तो उन्हें पूरी फीस वापस मिलेगी. चलिए जानते हैं कि आखिर नए नियम कब से लागू होंगे.

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Edited By: Antima Pal
कॉलेज छोड़ा तो मिलेगी पूरी फीस वापस, यूजीसी की नई गाइडलाइन से छात्रों को मिली बड़ी राहत
Courtesy: pinterest

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने छात्रों के लिए एक राहत भरा फैसला लिया है. अब अगर कोई छात्र दाखिला लेने के बाद कॉलेज या कोर्स बदलना चाहे, तो उसकी पूरी फीस वापस मिलेगी. यह नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2025-26 से पूरे देश के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में लागू होगी. यूजीसी का मकसद है कि छात्र बिना आर्थिक बोझ के अपनी पसंद का संस्थान चुन सकें. 

ज्यादातर कॉलेजों में दाखिला रद्द करने पर सिर्फ 10-20 प्रतिशत फीस ही लौटाई जाती थी. कई जगह तो पूरी फीस जब्त कर ली जाती थी. इससे छात्रों को मजबूरी में वही कोर्स करना पड़ता था, भले ही उन्हें बेहतर मौका मिल रहा हो. अब यूजीसी ने साफ कर दिया है कि दाखिला रद्द करने की तारीख तक जितनी फीस जमा की गई है, पूरी की पूरी वापस होगी. केवल प्रोसेसिंग चार्ज के तौर पर अधिकतम 1,000 रुपये काटे जा सकते हैं.

कब तक कर सकेंगे दाखिला रद्द?

यूजीसी ने समय सीमा भी तय की है. अगर कोर्स शुरू होने से 15 दिन पहले दाखिला रद्द किया, तो 100% फीस वापसी होगी. कोर्स शुरू होने के 15 दिन बाद तक रद्द किया, तो भी 100% फीस लौटेगी (प्रोसेसिंग चार्ज कटकर). कोर्स शुरू होने के 30 दिन बाद रद्द करने पर 50% फीस वापस होगी. 30 दिन बाद रद्द करने पर कोई फीस नहीं लौटेगी. यह नियम सभी सरकारी, प्राइवेट, डीम्ड यूनिवर्सिटी और कॉलेजों पर लागू होगा. ऑनलाइन कोर्स और डिस्टेंस एजुकेशन में भी यही नीति चलेगी.

क्यों लिया गया यह फैसला?

यूजीसी चेयरमैन एम. जगदीश कुमार ने कहा, 'हर साल लाखों छात्र काउंसलिंग के दौरान सीट अलॉटमेंट में उलझ जाते हैं. कई बार बेहतर कॉलेज या कोर्स मिलने पर वे पिछला दाखिला छोड़ना चाहते हैं, लेकिन फीस जब्त होने से डरते हैं. इस नई नीति से छात्रों को आजादी मिलेगी.' इसके अलावा सभी संस्थानों को अपनी वेबसाइट पर फीस रिफंड पॉलिसी साफ-साफ लिखनी होगी. 
दाखिला फॉर्म में रिफंड की समय सीमा स्पष्ट बतानी होगी.