T20 World Cup 2026

सेंसेक्स 350 अंक लुढ़का, निफ्टी 26,000 से नीचे! शेयर मार्केट की 3 दिन की तेजी पर लगा ब्रेक

शेयर बाजार में तीन दिन की तेजी के बाद मुनाफावसूली शुरू हो गई. सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से 350 अंक गिरा और निफ्टी 26,000 के पार जाने के बाद 25,950 से नीचे आ गया. आईटी, पीएसयू बैंक और रियल्टी शेयरों में बिकवाली से बाजार लाल निशान में पहुंच गया.

grok
Kuldeep Sharma

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती तेजी के बाद तेज गिरावट देखी गई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने दिन की शुरुआत मजबूती से की, लेकिन जल्द ही मुनाफावसूली के दबाव में सारे लाभ गंवा दिए. तीन दिन की लगातार बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफा कमाना शुरू किया, जिससे प्रमुख सूचकांक लाल निशान में चले गए.

आईटी, पीएसयू बैंक और रियल्टी जैसे सेक्टरों में खासा दबाव रहा. साथ ही रुपये में आई कमजोरी ने भी निवेशकों का मनोबल गिराया. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह छोटी-मोटी सुधार की प्रक्रिया है, लेकिन वैश्विक संकेतों पर भी नजर रखनी होगी.

तीन दिन की तेजी के बाद मुनाफावसूली

पिछले तीन सत्रों में बाजार में अच्छी तेजी आई थी. निवेशकों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए मुनाफा वसूला. खासकर आईटी कंपनियों, सरकारी बैंकों और रियल एस्टेट शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई. इससे सूचकांक ऊपर की ओर बढ़ने के बजाय नीचे की ओर लौट आए. सेंसेक्स सुबह 84,487 के स्तर पर खुला था, लेकिन 10 बजे तक 84,206 पर पहुंचकर 67 अंक नीचे था.

निफ्टी 26,000 के पार गया, फिर गिरा

निफ्टी ने कारोबार की शुरुआत में 26,000 का स्तर पार कर लिया था, जो निवेशकों के लिए उत्साहजनक था. लेकिन मुनाफावसूली के दबाव में यह तेजी ज्यादा देर नहीं टिकी. सूचकांक जल्द ही नकारात्मक क्षेत्र में आ गया और 25,932 के स्तर पर कारोबार करने लगा. सिर्फ 2.50 अंकों की मामूली गिरावट दिखी.

रुपये में आई कमजोरी ने बढ़ाया दबाव

रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे कमजोर होकर 90.62 पर पहुंच गया. इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में यह 90.56 पर खुला था, लेकिन आयातकों की डॉलर मांग और भू-राजनीतिक तनाव के कारण और नीचे आया. कुछ समय के लिए यह 90.46 तक भी छू गया. रुपये की यह कमजोरी विदेशी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी और बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला.

वैश्विक कमजोरी और कच्चे तेल ने बाजार पर डाला दबाव

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तीन दिन की तेजी के बाद मुनाफावसूली का दौर शुरू हुआ. अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने निवेशकों का मनोबल गिराया. मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, क्योंकि दिसंबर में खुदरा बिक्री अपेक्षा से कम रही और उपभोक्ता बड़े खर्चों से बचते दिखे. साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, ब्रेंट क्रूड 0.76% बढ़कर 69.32 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इससे भारत में महंगाई और चालू खाते के चिंता बढ़ी, जिसने बाजार को और दबाव में डाला.

तकनीकी स्तर पर 26,000 का प्रतिरोध बाधा बना

निफ्टी ने सुबह 26,000 का स्तर पार किया, लेकिन तकनीकी प्रतिरोध के कारण तेजी नहीं टिकी. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के हेड ऑफ प्राइम रिसर्च देवर्ष वकील ने कहा कि निफ्टी के लिए अल्पकालिक प्रतिरोध 26,000 के आसपास है. अगर यह स्तर टूटता है तो नया रिकॉर्ड ऊंचाई 26,373 तक जा सकती है. नीचे की तरफ 25,600-25,670 का बैंड मजबूत सहारा दे सकता है. आईटी, पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली से बाजार लाल निशान में बंद हुआ.

बाजार पर आगे क्या असर होगा

विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट ज्यादा गहरी नहीं होगी, क्योंकि घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. लेकिन वैश्विक स्तर पर तनाव और डॉलर की मजबूती से सतर्क रहना होगा. निवेशकों को सेक्टर चुनिंदा तरीके से निवेश करने की सलाह दी जा रही है. आज के कारोबार में मुनाफावसूली का दौर जारी रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में बाजार सकारात्मक रहने की उम्मीद है.