Scooter Sales Financial Year 2026: इलेक्ट्रिक स्कूटर्स ने मारी बाजी, पेट्रोल मॉडल हुए पीछे, टॉप-10 में इन दो की जबरदस्त एंट्री; देखें कौन बना नंबर-1

बजाज चेतक की भी बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है. 62,000 से ज्यादा यूनिट्स बिके और इसमें 53% की सालाना ग्रोथ देखी गई. नया एंट्री-लेवल चेतक 3001 मॉडल इसके पीछे की बड़ी वजह माना जा रहा है. बजाज अब इलेक्ट्रिक सेगमेंट में तेजी से पैर जमा रहा है.

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Reepu Kumari

Scooter Sales Financial Year 2026: भारत में स्कूटर बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. अब पेट्रोल से चलने वाले स्कूटर्स से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक मॉडल्स की ओर झुकने लगे हैं. इसकी झलक फाइनेंशियल ईयर 2026 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2025) की बिक्री रिपोर्ट में भी देखने को मिली है. इस दौरान टॉप-10 बिकने वाले स्कूटर्स की लिस्ट में इलेक्ट्रिक स्कूटर TVS iQube और Bajaj Chetak ने अपनी जगह बना ली है.

होंडा एक्टिवा अभी भी सबसे ज्यादा बिकने वाला स्कूटर है, लेकिन उसका मार्केट शेयर पहले के मुकाबले घटा है. दूसरी तरफ TVS और बजाज की इलेक्ट्रिक गाड़ियां तेजी से लोगों को पसंद आ रही हैं. इससे साफ है कि आने वाला वक्त इलेक्ट्रिक स्कूटर्स का ही है. आइए जानते हैं किन कंपनियों के स्कूटर्स ने बाजार में कैसा प्रदर्शन किया.

होंडा का दबदबा कायम लेकिन गिरावट की मार

होंडा एक्टिवा ने इस तिमाही में 5.68 लाख यूनिट्स की बिक्री के साथ टॉप पोजिशन बनाए रखी. लेकिन पिछले साल के मुकाबले इसमें 20% की गिरावट दर्ज हुई. इसका मार्केट शेयर 45% से गिरकर अब 34% पर आ गया है. होंडा डियो की बिक्री भी घटी है, जिसमें 16% की कमी आई और सिर्फ 71,000 यूनिट्स ही बिकीं. कुल मिलाकर होंडा की स्कूटर बिक्री में भारी गिरावट देखी गई है.

TVS का डबल धमाका: जुपिटर और iQube

TVS की जुपिटर ने इस तिमाही में 3 लाख यूनिट्स बेचकर 37% की दमदार ग्रोथ दिखाई. वहीं TVS iQube ने लगभग 70,000 यूनिट्स की बिक्री के साथ 41% की सालाना बढ़त दर्ज की. इससे TVS का कुल स्कूटर मार्केट शेयर 23% से बढ़कर 29% हो गया है. iQube की बढ़ती पॉपुलैरिटी से साफ है कि ग्राहक इलेक्ट्रिक विकल्प को तेजी से अपनाने लगे हैं.

चेतक की छलांग, iQube से बस थोड़ा पीछे

बजाज चेतक की भी बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है. 62,000 से ज्यादा यूनिट्स बिके और इसमें 53% की सालाना ग्रोथ देखी गई. नया एंट्री-लेवल चेतक 3001 मॉडल इसके पीछे की बड़ी वजह माना जा रहा है. बजाज अब इलेक्ट्रिक सेगमेंट में तेजी से पैर जमा रहा है.